Omar Abdullah का BJP पर Horse-Trading का आरोप, बोले- NC विधायक को दिया 30 करोड़ का ऑफर

अब्दुल्ला ने कहा कि विधायक ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और उन्हें इस बारे में जानकारी दी। यहां एक सभा को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने कहा बीजेपी के एक अधिकारी, जो सुप्रीम कोर्ट के वकील भी हैं, ने जम्मू से मेरे एक विधायक से बंद कमरे में कहा, 'हम आपको 20 से 30 करोड़ रुपये, एक मंत्रालय और राज्य का दर्जा देंगे। आप हमारे साथ आ जाइए।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को बिना नाम लिए दावा किया कि बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के एक विधायक को पाला बदलने के लिए 20-30 करोड़ रुपये और मंत्री पद का लालच दिया। अब्दुल्ला ने कहा कि विधायक ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और उन्हें इस बारे में जानकारी दी। यहां एक सभा को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने कहा बीजेपी के एक अधिकारी, जो सुप्रीम कोर्ट के वकील भी हैं, ने जम्मू से मेरे एक विधायक से बंद कमरे में कहा, 'हम आपको 20 से 30 करोड़ रुपये, एक मंत्रालय और राज्य का दर्जा देंगे। आप हमारे साथ आ जाइए।' क्या उन्हें लगता है कि इन लोगों का भरोसा इतना सस्ता है? उन्होंने बीजेपी पर "पिछले दरवाजे" से सत्ता में आने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा बीजेपी वालों, हमें इतना कमजोर मत समझो। तुम्हारे लिए पिछले दरवाजे से कोई एंट्री नहीं होगी। तुम पिछले दरवाजे से मुख्य कुर्सी तक नहीं पहुंच पाओगे। अभी जनता ने तुम्हें पीछे रखा है और तुम पीछे ही रहोगे।
जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) की ओर से 20 जुलाई को नई दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का ज़िक्र करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि इजाज़त न मिलने के बावजूद यह कार्यक्रम होगा।
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उन्होंने कहा, "हमारा 20 जुलाई का कार्यक्रम तय है। हम पर दूसरों से सलाह-मशविरा न करने का आरोप लगाया जा रहा है, लेकिन यह सिर्फ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस का मुद्दा नहीं है। यह सभी से जुड़ा है, चाहे वे राजनीतिक दलों से हों या न हों। सभी मौजूदा और पूर्व विधायकों को आमंत्रित किया गया है क्योंकि राज्य का दर्जा पाने की लड़ाई सभी के लिए है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील भी की।
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अब्दुल्ला ने कहा, "मैं सभी नेताओं से अपील करता हूं कि वे अगले तीन साल तक चुनावी लड़ाई को भूल जाएं और राज्य का दर्जा पाने की लड़ाई के लिए एकजुट हों। अगर वे डर या दबाव के कारण दूर रहते हैं, तो वे जनता के साथ धोखा करेंगे।
इससे पहले शुक्रवार को अब्दुल्ला ने कहा था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को केंद्र शासित प्रदेश के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को होने वाले विरोध प्रदर्शन के लिए इजाज़त नहीं मिली है।
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अगस्त 2019 में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही पूर्ण राज्य का दर्जा NC की पुरानी मांग रही है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन के लिए अलग-अलग पार्टियों के 52 नेताओं को बुलाया है।
श्रीनगर में एक बैठक को संबोधित करते हुए उमर ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के विरोध प्रदर्शन को "विफल" करने की कोशिश की जा रही है। CM अब्दुल्ला ने कहा, "हम अभी भी उस अनुमति को हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। 'कॉकरोच पार्टी' को अनुमति मिलने में 24 घंटे भी नहीं लगे, जबकि हम चार-पांच दिनों से इसके लिए कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग हमारे कार्यक्रम को विफल करने पर तुले हुए हैं; उन्होंने अपनी तारीखें हमारे कार्यक्रम के साथ ही तय कर लीं।
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