Odisha Vigilance ने सहायक अधिशासी अभियंता Anupama Sahu को 63 लाख की संपत्ति मिलने पर पकड़ा

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ओडिशा सतर्कता विभाग ने केंद्रपाड़ा में पदस्थापित सहायक अधिशासी अभियंता अनुपमा साहू के पास से 7.15 लाख रुपये नकद और 63 लाख रुपये की जमा राशि बरामद होने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान उनके नाम पर पांच भूखंड, एक फ्लैट, गोदाम और दुकान जैसी कई अचल संपत्तियों का भी पता चला। पुलिस अधीक्षक के अनुसार शनिवार को उनकी सरकारी गाड़ी की जांच के दौरान संदिग्ध नकदी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

भुवनेश्वर, छह सितंबर ओडिशा सतर्कता विभाग की टीम ने एक महिला अभियंता के पास 7.15 लाख रुपये नकद, 63 लाख रुपये की जमा राशि और पांच भूखंड जैसी संपत्तियां होने का पता चलने के बाद रविवार को उसे गिरफ़्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सतर्कता विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार अभियंता की पहचान केंद्रपाड़ा के निकास संभाग की सहायक अधिशासी अभियंता (एईई) अनुपमा साहू के तौर पर हुई है।

कटक के पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) के बी आचार्य ने बताया कि विभाग के अधिकारियों ने एक सूचना के आधार पर शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग53-ए पर मार्शाघई चौराहे के पास तब साहू की सरकारी गाड़ी को रोका, जब वह केंद्रपाड़ा ज़िले में अपने घर जा रही थीं। आचार्य ने बताया कि गाड़ी रोके जाने पर उनके पास से 3.15 लाख रुपये नकद मिले, जिनके बारे में शक है कि ये गलत तरीके से कमाए गए थे। उन्होंने बताया कि अभियंता की संपत्तियों की और तलाशी के दौरान भ्रष्टाचार-निरोधक विभाग ने केंद्रपाड़ा के नयनविहार में उनके घर से चार लाख रुपये नकद ज़ब्त किए, जिससे कुल ज़ब्त नकद राशि 7.15 लाख रुपये हो गई।

आचार्य ने बताया कि छापेमारी के दौरान 63 लाख रुपये की जमा राशि, भुवनेश्वर में एक फ़्लैट, ढेंकानाल ज़िले के कामाख्यानगर में रॉड और सीमेंट का गोदाम, बोलांगीर में एक दुकान और भुवनेश्वर, अनुगुल एवं ढेंकानाल में पांच भूखंड का पता चला। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साहू ने 2003 में अनुगुल सिंचाई विभाग में कनिष्ठ अभियंता के तौर पर सरकारी नौकरी शुरू की थी, तब उनकी शुरुआती सैलरी 4,000 रुपये प्रति महीना थी। 2009 में उनकी नौकरी पक्की कर दी गई।

उन्होंने बताया कि सहायक अभियंता पद पर प्रोन्नति मिलने के बाद उन्हें ढेंकानाल में पदस्थापित किया गया और फिर एईई पद पर प्रोन्नति मिलने के बाद भी वह वहीं काम करती रहीं। आचार्य ने बताया कि इस साल मार्च में साहू का स्थानांतरण निकास संभाग (केंद्रपाड़ा) में एईई के तौर पर कर दिया गया।

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