कोटिया विवाद पर Odisha सरकार Supreme Court पहुंची, आंध्र प्रदेश पर अवमानना का आरोप

कोरापुट जिले के कोटिया क्षेत्र में पंचायत चुनाव कराने के फैसले के खिलाफ ओडिशा ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। राज्य का आरोप है कि पड़ोसी राज्य ने 2006 में दिए गए यथास्थिति के अदालती आदेश का उल्लंघन किया है। याचिका में आंध्र प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त और मुख्य सचिव सहित कई अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।
ओडिशा सरकार ने कोरापुट जिले में कोटिया के विवादित क्षेत्र में पंचायत चुनाव कराने संबंधी अधिसूचना को चुनौती देते हुए आंध्र प्रदेश सरकार के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की है। ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा 10 अक्टूबर को ओडिशा के कोटिया ग्राम पंचायत क्षेत्र में जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव कराने संबंधी अधिसूचना जारी किए जाने के बाद कोरापुट के जिलाधिकारी के माध्यम से शीर्ष अदालत में यह याचिका दायर की गई। पुजारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की मंजूरी मिलने के बाद हमने शीर्ष अदालत में अवमानना याचिका दायर की है।’’ उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 2006 के अपने आदेश में दोनों राज्यों को विवादित क्षेत्र में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था।
कोटिया ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी 28 गांव ओडिशा के क्षेत्र में हैं, जबकि आंध्र प्रदेश इनमें से 21 गांवों पर अपना अधिकार जताता रहा है। ओडिशा सरकार ने 1968 में इस मामले को उच्चतम न्यायालय में उठाया था जिसके बाद शीर्ष अदालत ने 2006 में दोनों राज्यों को यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था। पुजारी ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश सरकार ने विवादित क्षेत्र में पंचायत चुनाव कराने की अधिसूचना जारी करके न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किया है।
उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार ने आंध्र प्रदेश सरकार के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया है। याचिका में राज्य के निर्वाचन आयुक्त, मुख्य सचिव, संबंधित जिले के जिलाधिकारी और चुनाव प्रक्रिया में शामिल अन्य अधिकारियों को भी पक्षकार बनाया गया है। मंत्री ने कहा, ‘‘हम उच्चतम न्यायालय से अनुरोध करेंगे कि वह आंध्र प्रदेश सरकार को भविष्य में इस तरह की गतिविधियां नहीं करने का निर्देश दे।’’ इससे पहले 2021 में भी दोनों राज्यों के बीच तनाव पैदा हो गया था, जब आंध्र प्रदेश ने विवादित क्षेत्र में पंचायत चुनाव कराए थे।
इसके बाद ओडिशा सरकार को 2022 में अवमानना याचिका दायर करनी पड़ी थी। एक अधिकारी ने बताया कि आंध्र प्रदेश प्रशासन ने अब विवादित गांवों फागुनासिनेरी, गंजेईपदर और फातूसेनेरी में फिर से चुनाव कराने संबंधी अधिसूचना जारी की है। पुजारी ने कहा कि कोटिया ओडिशा का अभिन्न अंग है और राज्य अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी एवं प्रशासनिक कदम उठा रहा है।
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