दिल्ली के Chandni Chowk में BJP निकालेगी मार्च, SIR विवाद पर विपक्ष को देगी जवाब

दिल्ली के चांदनी चौक में बीजेपी बुधवार को लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ मार्च निकालेगी। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में होने वाले इस मार्च में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत 15 हजार से अधिक लोग शामिल होंगे। यह मार्च विपक्षी गठबंधन द्वारा मतदाता सूची के एसआईआर पुनरीक्षण को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में आयोजित है।
बुधवार, 28 अक्टूबर को दिल्ली के चांदनी चौक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' नाम से एक पैदल मार्च का नेतृत्व करेंगे। विपक्षी दलों द्वारा मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर किए जा रहे विरोध के बीच, बीजेपी अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए यह कदम उठा रही है। इस मार्च में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, सांसद और पार्टी के अन्य नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। यह मार्च कल शाम करीब 4 बजे शुरू हो सकता है। इसमें 15,000 से अधिक लोगों के हिस्सा लेने की संभावना है।
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बीजेपी का यह मार्च चुनाव आयोग की 'एसआईआर' (SIR) प्रक्रिया को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच हो रहा है। कांग्रेस और 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की अन्य पार्टियों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में गड़बड़ी का आरोप लगाया है और चुनाव आयोग पर "वोट चोरी" में मदद करने का इल्जाम लगाया है। वहीं, बीजेपी ने "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ" के नारे के साथ एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। इसका मकसद विपक्ष द्वारा 'एसआईआर' (SIR) प्रक्रिया के बारे में किए जा रहे भ्रामक दावों का जवाब देना है।
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बीजेपी का यह मार्च, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की प्रस्तावित मेगा रैली से कुछ दिन पहले हो रहा है। कांग्रेस इस रैली में भारी भीड़ जुटाने के लिए अपने नेताओं और सहयोगी संगठनों को लामबंद कर रही है। इस रैली का मकसद कथित 'वोट चोरी' का विरोध करना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग करना है। यह रैली विपक्ष के 'दिल्ली चलो मार्च' का समापन होगी। कांग्रेस नेताओं ने इसे चुनावी गड़बड़ियों और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ विपक्षी एकता के एक बड़े प्रदर्शन के रूप में पेश किया है। चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए गए इन आरोपों पर अभी भी विवाद बना हुआ है।
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