Maharashtra MLC Election: महायुति तीन सीटों पर आगे, NCP SP दो पर बनाई बढ़त

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महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए बुधवार को जारी मतगणना में सत्तारूढ़ महायुति तीन और विपक्षी राकांपा (शप) दो सीटों पर आगे चल रही है। नागपुर स्नातक और अमरावती शिक्षक सीट पर महायुति प्रत्याशियों ने बढ़त बनाई है। वहीं पुणे और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में शरद पवार गुट के उम्मीदवार आगे हैं।

महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीट के लिए बुधवार को जारी मतगणना में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत ‘महायुति’ गठबंधन तीन सीटों पर आगे चल रहा है जबकि विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) दो सीट पर बढ़त बनाए हुए है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अंतिम परिणाम दिन में बाद में घोषित किए जाने की संभावना है।

अधिकारियों के मुताबिक पुणे स्नातक, नागपुर स्नातक, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) स्नातक, पुणे शिक्षक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को वोट डाले गए, जिसमें 72.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इन निर्वाचन क्षेत्रों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल छह दिसंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए चुनाव कराने की जरूरत पड़ी। महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और सुनेत्रा पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं जबकि विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) में कांग्रेस, शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शप) और उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) शामिल हैं।

दोनों गठबंधनों ने पांचों सीट पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इन पांच सीट के लिए चुनाव मैदान में कुल 182 उम्मीदवार मैदान में थे। महायुति तथा एमवीए को इस चुनाव के दौरान बगावत का सामना करना पड़ा था।

खबर लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहाले 4,265 मतों के अंतर से आगे थे, और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना उम्मीदवार किरण सरनाइक 21 वें चरण की गिनती के बाद अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 4,555 वोटों से आगे थे। अधिकारियों ने बताया कि नागपुर स्नातक सीट पर कोहाले को अब तक 61,012 मत मिले हैं, जबकि कांग्रेस के मौजूदा विधान पार्षद (एमएलसी) अभिजीत वंजारी को 56,747 वोट मिले हैं। अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में, सरनाइक को अब तक 10,672 मत मिले हैं।

कांग्रेस उम्मीदवार अदिति पोहरे 6,117 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार श्रीकांत देशपांडे - जो शिवसेना (शिंदे गुट) के बागी उम्मीदवार थे - को 5,881 वोट मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में, मतगणना के 28वें दौर के बाद भाजपा उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े 23,000 से अधिक मतों के साथ अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे थे, जबकि शिवसेना समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप को 16,347 मत मिले हैं। गावड़े हालांकि अब भी जीत सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी 25,756 मतों के कोटे तक नहीं पहुंच पाए हैं।

राष्ट्रीय समाज पक्ष के दत्तात्रेय सावंत तीसरे स्थान पर थे, जबकि मौजूदा कांग्रेस एमएलसी जयंत असगांवकर को महज 8,965 मत मिले और वह सदन तक पहुंचने की दौड़ से बाहर हो गए हैं। पुणे स्नातक सीट पर राकांपा (शप) उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव की जीत तय प्रतीत हो रही है, क्योंकि 26वें चरण के बाद वह भाजपा उम्मीदवार स्मिता योगेश जाधव से 8,871 मतों से आगे चल रही थीं। हर्षदा को 1,11,425 प्रथम-वरीयता मत मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार को 1,02,554 मत प्राप्त हुए।

इस स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत के लिए 1,13,095 मतों की आवश्यकता है। एक निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ‘‘पुणे स्नातक सीट के चुनाव में दूसरी वरीयता वाले मतों की गिनती चल रही है, क्योंकि पहली वरीयता वाले मतों की गिनती पूरी होने के बाद कोई भी उम्मीदवार 1,13,095 मतों का जरूरी कोटा हासिल नहीं कर सका।’’ जीत के लिए ज़रूरी कोटा तक पहुंचने के लिए हर्षदा देशमुख-जाधव को लगभग 1,700 मतों की ज़रूरत है। एक अधिकारी ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राकांपा (शप) उम्मीदवार प्रतापसिंह पाटिल,राकांपा के मौजूदा विधान पार्षद सतीश चव्हाण से 13,163 वोटों से आगे चल रहे हैं।

चव्हाण ने 2008 में पहली बार यह सीट जीती और 2014 तथा 2020 के चुनावों में भी अपनी जीत के क्रम को कायम रखा। अधिकारी ने बताया कि शिवसेना (उबाठा) उम्मीदवार दिलीप घुगे को अब तक 8,439 वोट मिले हैं और वे चौथे स्थान पर हैं। उन्होंने बताया कि इस सीट पर डाले गए कुल 1.91 लाख मतों में से 1,77,115 मत वैध पाए गए हैं।

सीट जीतने के लिए न्यूनतम 88,558 मत हासिल करना आवश्यक है। अधिकारी ने बताया कि दूसरी वरीयता वाले मतों की गिनती अभी चल रही है। महाराष्ट्र की 78 सदस्यीय विधान परिषद में 35 सदस्यों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है।

इसके बाद शिवसेना के 12 और राकांपा के 10 सदस्य हैं। विपक्षी दलों में, कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) के पास पांच-पांच एमएलसी हैं, जबकि राकांपा (शप) के दो सदस्य हैं। सदन में 4 निर्दलीय एमएलसी भी हैं।

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