Maharashtra विधान परिषद चुनाव: Nagpur सीट पर कांग्रेस की जीत बदलाव का संकेत, हर्षवर्धन सपकाल का बयान

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महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने विधान परिषद की पांच में से तीन सीटों पर एमवीए की जीत को राज्य में राजनीतिक बदलाव का संकेत बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस के गढ़ नागपुर से पार्टी के अभिजीत वंजारी का 3,271 मतों से दोबारा जीतना बेहद महत्वपूर्ण है। सपकाल ने महायुति में खींचतान का दावा करते हुए सरकार से लाडकी बहिन योजना और किसान कर्ज माफी के वादे पूरे करने की मांग की।

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने विधान परिषद की पांच में से तीन सीट पर विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) की जीत को राजनीतिक बदलाव का संकेत बताते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि नागपुर से उनके पार्टी सहयोगी अभिजीत वंजारी का दोबारा निर्वाचित होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। मुंबई के पास करजत में संवाददाताओं से बातचीत में सपकाल ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि फडणवीस ने उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए मनाने और प्रतिद्वंद्वियों पर दबाव डालने के लिए अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रयासों के बावजूद कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी नागपुर से दोबारा निर्वाचित हुए, जिसे आरएसएस का गढ़ माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह उनकी पार्टी की ऐतिहासिक जीत है और मतदाताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को नकार दिया है। कड़े मुकाबले में वंजारी ने नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अपनी सीट बरकरार रखते हुए भाजपा के निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 3,271 मतों से हराया।

सपकाल ने फडणवीस के एक पोस्ट को लेकर उनकी आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। इस पोस्ट को बाद में हटा दिया गया था। भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सत्तारूढ़ ‘महायुति’ में कथित मतभेद की खबरों पर सपकाल ने कहा कि विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर गठबंधन के घटक दल एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं लेकिन सत्ता और पद के लिए ये दल अंततः फिर एकजुट हो जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘कौन मुख्यमंत्री बनेगा और किसे वित्त विभाग मिलेगा, यह तय करना उनका काम है। महाराष्ट्र को सत्ता के लिए उनकी आपसी खींचतान में कोई दिलचस्पी नहीं है।’’ कांग्रेस नेता ने सरकार से अपने वादे पूरे करने की अपील की, जिसमें लाडकी बहिन योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये करना और किसानों का कर्ज पूरी तरह माफ करना शामिल है।

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