Congress चुनावी पारदर्शिता के लिए कर रही संघर्ष, Kumari Selja ने Ramlila Maidan रैली को बताया अहम

कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने चंडीगढ़ में कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोट चोरी के खिलाफ एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया गठबंधन की महारैली में लाखों नागरिक जुटेंगे।
(फाइल फोटो के साथ) चंडीगढ़, 27 अक्टूबर कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने मंगलवार को कहा कि नागरिकों के वोट की रक्षा करना एक संवैधानिक अधिकार है और राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी चुनावी पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए लड़ रही है। हरियाणा के सिरसा से लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘हरियाणा, उत्तराखंड और देश भर से लाखों लोगों के दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली रैली में शामिल होने की उम्मीद है।’’ रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली को, निर्वाचन आयोग की कार्यशैली, और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ आयोजित किये गए दिल्ली चलो मार्च का समापन बताया जा रहा है। कांग्रेस ने दावा किया है कि ‘‘वोट चोरी’’ के खिलाफ रैली में कम से कम 10 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
पार्टी का कहना है कि यह रैली लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए ‘‘एकजुटता’’ का एक मजबूत संदेश देगी। सैलजा ने एक बयान में आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष से डरती है और राजनीतिक असहमति को दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और जनता की चिंताओं को सामने रखने का पूरा अधिकार है। सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी ने चुनाव की निष्पक्षता और वोट चोरी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिनका निष्पक्ष और पारदर्शी जवाब दिया जाना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए चुनाव प्रणाली में जनता का भरोसा होना बहुत जरूरी है।
सैलजा ने आरोप लगाया कि भाजपा विभाजनकारी राजनीति करती है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने के बजाय बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं का समाधान करे। उन्होंने कहा कि एक नवंबर की रैली में चुनावी पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकारों और विपक्ष की लोकतांत्रिक भूमिका से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के मुद्दे उठाए जाएंगे।
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