Sensex और Nifty में उतार-चढ़ाव, मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

Sensex और Nifty में उतार-चढ़ाव, मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार
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कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले निवेशकों की सतर्कता के बीच घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को लगभग स्थिर बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 8.08 अंक गिरकर 73,598.67 अंक पर और एनएसई निफ्टी 3.45 अंक के नुकसान के साथ 22,749.75 अंक पर रहा। बैंक तथा आईटी शेयरों में मुनाफावसूली से दबाव दिखा, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक बढ़त पर रहे।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, बैंक एवं आईटी शेयरों में बिकवाली और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में लगभग स्थिर बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 8.08 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 73,598.67 अंक पर बंद हुआ। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में यह 73,762.98 अंक के ऊपरी और 73,179.41 अंक के निचले स्तर तक गया।

एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 3.45 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 22,749.75 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तिमाही, भारती एयरटेल, ट्रेंट, मारुति और पावर ग्रिड के शेयरों में तेजी रही।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 0.03 प्रतिशत गिरकर 115.8 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले निवेशकों के सतर्क रुख ने वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर सीमित कर दिया। मुनाफावसूली के कारण आईटी और निजी बैंकों के शेयरों पर दबाव रहा, जबकि दवा, वाहन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और रियल्टी कंपनियों के शेयरों में तेजी रही।

हालांकि, व्यापक बाजार में तेजी का माहौल रहा। छोटी कंपनियों का स्मालकैप सूचकांक 2.59 प्रतिशत चढ़ गया जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 0.88 प्रतिशत की तेजी रही। क्षेत्रवार सूचकांकों में शीर्ष 10 बैंकों के खंड में 0.99 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि निजी बैंक सूचकांक 0.78 प्रतिशत, फोकस आईटी खंड 0.22 प्रतिशत और आईटी खंड 0.22 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

इसके उलट, स्वास्थ्य देखभाल खंड में 2.28 प्रतिशत, दूरसंचार खंड में 2.15 प्रतिशत और उपयोगिता खंड में 1.89 प्रतिशत की तेजी रही। ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा, अब निवेशकों की नजरें बुधवार को आने वाले फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले पर हैं। वे ब्याज दरों के रुख और वैश्विक पूंजी प्रवाह पर इसके असर से जुड़े संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।

बाजार में तेजी का बने रहना इस पर निर्भर करेगा कि बाहरी दबाव कम होते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि प्रमुख व्यापक आर्थिक कारकों में ब्रेंट क्रूड की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी रही, जो छह महीने के उच्च स्तर के करीब है। सऊदी अरब के प्रतिष्ठानों पर हमले के बाद ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं फिर बढ़ गई हैं।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 1,462.49 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी कारोबार के दौरान कमजोरी रही।

अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। सोमवार को सेंसेक्स 482.92 अंक चढ़कर 73,606.75 अंक और निफ्टी 153.20 अंक की बढ़त के साथ 22,753.20 अंक पर बंद हुआ था।

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