केरलम में LDF छात्र संगठनों का विरोध, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग

तिरुवनंतपुरम में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा से जुड़े छात्र संगठनों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण विवाद पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लोक भवन तक विरोध मार्च निकाला। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को राजभवन पहुंचने से पहले ही रोक दिया। विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने इस मार्च की शुरुआत करते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
केरलम के नए राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के पदभार ग्रहण करने के दिन शुक्रवार को वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) से संबद्ध छात्र संगठनों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े विवाद के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यहां लोक भवन तक विरोध मार्च निकाला। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। केरलम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने मार्च की शुरुआत की।
दोपहर में लोक भवन में माथुर के शपथ ग्रहण समारोह में वामपंथी दलों के नेता शामिल नहीं हुए। पुलिस ने बताया कि विरोध मार्च अपराह्न तीन बजे शुरू हुआ। इसमें एसएफआई, एआईएसएफ, केएससी (एम), एसएसएआई और एआईडीएसओ के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
अधिकारियों के अनुसार, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता और विधायक के राजन ने मार्च का नेतृत्व किया। पुलिस ने मार्च को लोक भवन पहुंचने से पहले ही रोक दिया। बाद में सभा को संबोधित करते हुए विजयन ने युवाओं से भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के चंगुल से लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आने का आग्रह किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं के आरोपों के बावजूद केंद्र सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही है। विजयन ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाए जाने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। राजन और छात्र संगठनों के अन्य नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया।
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