Kerala: सिनेमाघरों के CCTV फुटेज लीक मामले में वरिष्ठ अधिकारी करेंगे जांच की निगरानी, आयोग का आदेश

केरल मानवाधिकार आयोग ने तिरुवनंतपुरम के सरकारी सिनेमाघरों से दर्शकों के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर लीक होने की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराने का निर्देश दिया है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अलेक्जेंडर थॉमस ने मामले में हाईटेक सेल की मदद लेने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। केएसएफडीसी के कैराली, श्री और नीला थिएटरों से जुड़े इस मामले में साइबर अपराध पुलिस जांच कर रही है।
केरलम मानवाधिकार आयोग ने तिरुवनंतपुरम के पुलिस प्रमुख को निर्देश दिया है कि राज्य सरकार के तीन सिनेमाघरों के सीसीटीवी फुटेज लीक होने के संबंध में जारी जांच की निगरानी की जिम्मेदारी किसी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी जाए। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अलेक्जेंडर थॉमस ने एक आदेश में पुलिस को निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर हाईटेक प्रकोष्ठ की मदद ली जाए, जांच में तेजी लाई जाए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। राज्य मानवाधिकार आयोग के एक बयान के अनुसार तिरुवनंतपुरम के कैराली, श्री और नीला सिनेमाघरों में फिल्म देखने आए लोगों के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए थे।
इससे लोगों की निजता के उल्लंघन को लेकर चिंताएं उत्पन्न हुईं। आयोग ने राज्य के पुलिस प्रमुख को निर्देश दिया कि केरलम के सभी सिनेमाघरों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। इन सिनेमाघरों का स्वामित्व रखने वाले केरल राज्य फिल्म विकास निगम (केएसएफडीसी) ने आयोग को बताया कि उसकी जानकारी या सहमति के बिना फुटेज लीक किए गए थे।
केएसएफडीसी ने कहा कि साइबर अपराध थाने में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। हालांकि, उसके प्रबंध निदेशक की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया कि जांचकर्ता अभी तक यह पता नहीं लगा पाए हैं कि फुटेज कब, कैसे और किसके माध्यम से लीक हुई। आयोग ने निर्देश दिया कि यदि जांच अभी लंबित है, तो उसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
बयान के अनुसार, आयोग ने मीडिया में आईं खबरों के आधार पर सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता देवदास की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत पर कार्रवाई की।
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