Kerala Assembly: SMA की जेनेरिक दवा Risdiplam पर बवाल, सरकार ने फैसले का किया बचाव

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ANI

केरल सरकार ने विधानसभा में एसएमए के मरीजों को सस्ती जेनेरिक दवा उपलब्ध कराने के फैसले का बचाव किया। सरकार ने कहा कि नियामकीय मंजूरी प्राप्त यह दवा ब्रांडेड विकल्प से काफी सस्ती है, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा। वहीं, दवा देने के तरीके पर सवाल उठाते हुए विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

 केरलम सरकार ने सोमवार को स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए) के मरीजों के लिए सस्ती जेनेरिक दवा उपलब्ध कराने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इसे नियामकीय मंजूरी मिली है और इससे मरीजों के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा।

 मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने विधानसभा में विपक्ष के कार्य स्थगन प्रस्ताव के नोटिस पर जवाब देते हुए कहा कि नैटको फार्मा की जेनेरिक दवा रिसडिप्लाम की 12 दिन की खुराक करीब 15,000 रुपये की है, जबकि रोश की ब्रांडेड दवा की कीमत लगभग 6.5 लाख रुपये है। सरकार इसे जरूरी आपूर्ति सामग्री सहित नौ हजार रुपये तक लाने का प्रयास कर रही है। 

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने जेनेरिक दवा के उत्पादन को चुनौती देने वाली रोश कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने इसके इस्तेमाल को मंजूरी दी है। विपक्ष ने दवा की प्रभावशीलता और तिरुवनंतपुरम के एसएटी अस्पताल में शिशुओं को इसे दिए जाने के तरीके पर सवाल उठाए। विधानसभा अध्यक्ष टी राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के जवाब के बाद कार्य स्थगन प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार नहीं किया। 

इसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इससे पहले, विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने कहा कि विवाद जेनेरिक दवाओं के इस्तेमाल को लेकर नहीं, बल्कि अस्पताल में दवा दिए जाने को कथित तौर पर नैदानिक परीक्षण के रूप में दर्ज करने को लेकर है। स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार एसएमए की दवा आपूर्ति करने वाली कंपनी का 50 करोड़ रुपये बकाया छोड़ गई थी। 

विधानसभा में ‘केरल समग्र स्वास्थ्य, कल्याण और दीर्घायु मॉडल’ के लिए गठित कार्यबल की नियुक्तियों पर भी दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिला। विपक्ष ने निजी अस्पतालों, प्रयोगशालाओं और दवा कंपनियों से जुड़े लोगों को शामिल करने पर हितों के टकराव की आशंका जताई। 

सतीशन ने कहा कि सदस्यों का चयन उनकी विशेषज्ञता के आधार पर किया गया है। विजयन ने नैटको फार्मा से कांग्रेस को चुनावी बॉण्ड के जरिए 12.25 करोड़ रुपये मिलने का दावा भी किया।

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