Cauvery Dispute: Tamil Nadu को पानी देने के निर्देश के खिलाफ Supreme Court जाएगी कर्नाटक सरकार

कर्नाटक सरकार कावेरी जल विनियमन समिति के उस निर्देश के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर करने पर विचार कर रही है, जिसमें तमिलनाडु को रोजाना 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है। जल संसाधन मंत्री एन. चलुवरायस्वामी ने बताया कि कावेरी बेसिन में पानी की आवक कम होने के कारण इस आदेश का पालन करना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श के बाद सरकार जल्द ही अदालत का रुख कर सकती है।
बेंगलुरु, आठ सितंबर कर्नाटक सरकार कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के एक निर्देश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करने पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिसमें तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी से रोजाना 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है। कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री एन. चलुवरायस्वामी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कावेरी जल विनियमन समिति के उक्त आदेश को बेतुका बताया और इस पर दुख जताया।
उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में कावेरी नदी घाटी में पानी की आवक काफी कम हो गई है, जिससे कर्नाटक मुश्किल स्थिति का सामना कर रहा है। कावेरी जल विनियमन समिति ने मंगलवार को सिफारिश की कि कर्नाटक 15 दिन तक तमिलनाडु के लिए 6,000 क्यूसेक पानी का प्रवाह सुनिश्चित करे। इसके बाद कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने भी इस निर्देश को मंजूरी दे दी।
कावेरी जल विनियमन समिति के निर्देशों के बाद और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक से पहले चलुवरायस्वामी ने पत्रकारों से कहा, हमारे अधिकारियों ने समिति की बैठक में जमीनी स्थिति के बारे में मजबूती से अपनी बात रखी। तमिलनाडु ने 17,000 क्यूसेक पानी की मांग की थी। लेकिन पिछले एक सप्ताह में कावेरी बेसिन में पानी की आवक काफी कम हो गई है।
ऐसी संकट की स्थिति में हमारे लिए 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ना भी संभव नहीं है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं कि बिल्कुल पानी न छोड़ा जाए। मंत्री ने दिल्ली से फैसले लेने वाली इन संस्थाओं के काम करने के तरीके की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं जमीनी स्थिति को समझने में सक्षम नहीं हैं। चलुवरायस्वामी ने कहा कि सरकार को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय जाने का फैसला करने से पहले सरकार मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से इस मुद्दे पर चर्चा करेगी।
उन्होंने कहा, ...हम मुख्यमंत्री के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। सरकार उच्चतम न्यायालय में कल ही याचिका दायर करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
अन्य न्यूज़














