Karnataka Lokayukta ने 8 अफसरों के 33 ठिकानों पर की छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति का हुआ खुलासा

कर्नाटक लोकायुक्त की टीम ने आय से अधिक संपत्ति मामले में राज्य के सात जिलों में आठ सरकारी अधिकारियों से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई की है। इस तलाशी अभियान में अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों के पास से करीब 29.62 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति सामने आई है। बरामद संपत्तियों में जमीन, मकान, सोना-चांदी, गाड़ियां, नकदी और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल हैं।
कर्नाटक लोकायुक्त की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामलों में आठ सरकारी अधिकारियों से जुड़े 33 से अधिक ठिकानों पर मंगलवार को छापेमारी कर लगभग 29.62 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता लगाया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। लोकायुक्त की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ये छापे बेंगलुरु, चिकबल्लापुर, कलबुर्गी, मांड्या, कोडगु, धारवाड़ और बीदर में अधिकारियों के आवासों, कार्यालयों और उनके रिश्तेदारों के परिसरों पर मारे गए।
अधिकारियों ने बताया कि जिन अधिकारियों के परिसरों पर छापा मारा गया है उनमें चिक्कबल्लापुर उपायुक्त कार्यालय में कार्यरत प्रथम श्रेणी सहायक (एफडीए) दर्शन गौड़ा, वृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के सेवानिवृत्त सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) एच. एम. रंगनाथ, बेंगलुरु की जिला रजिस्ट्रार श्रीदेवी और मदिकेरी के नगर आयुक्त एच. आर. रमेश शामिल हैं। अन्य अधिकारियों में हुब्बली विद्युत आपूर्ति कंपनी लिमिटेड (एचईएसकॉम) के सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) किरण कुमार बैंदूर, गुलबर्गा विद्युत आपूर्ति कंपनी लिमिटेड (जीईएसकॉम) की सहायक कार्यकारी अभियंता राजेश्वरी, कृषि विभाग के सहायक निदेशक माणिक राव और मांड्या के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में छात्रावास अधीक्षक शिवराजू शामिल हैं। विज्ञप्ति में बताया गया कि आठों मामलों में की गई छापेमारी के दौरान लगभग 29.62 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिसमें जमीन-जायदाद, मकान, कृषि भूमि, सोने-चांदी के आभूषण, वाहन, नकदी और बैंकों में जमा सावधि जमा शामिल हैं।
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