केन्द्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सदन में बताया कि 6G पेटेंट में भारत की है मजबूत भागीदारी

Jyotiraditya Scindia
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सिंधिया ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में स्थापित भारत 6G एलायंस का दायरा तेज़ी से विस्तृत हो रहा है, और इससे जुड़े संस्थानों की संख्या 14 से बढ़कर 85 तक पहुँच चुकी है। उन्होंने बताया कि भारत 6G के क्षेत्र में लगभग विश्व के 10% पेटेंट में अपना योगदान स्थापित करेगा, जिसमें से 4000 पेटेंट पहले ही किए जा चुके हैं।

संसद भवन, नई दिल्ली। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज बुधवार को सदन के पटल पर बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दूरसंचार क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है और अब 6G तकनीक में वैश्विक नेतृत्व करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत 3G के दौर में पीछे था, 4G में विश्व के साथ चला, 5G में आगे बढ़ा और अब 6G में विश्व का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।

तेजी से विस्तार कर रहा भारत 6G एलायंस

सिंधिया ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में स्थापित भारत 6G एलायंस का दायरा तेज़ी से विस्तृत हो रहा है, और इससे जुड़े संस्थानों की संख्या 14 से बढ़कर 85 तक पहुँच चुकी है। उन्होंने बताया कि भारत 6G के क्षेत्र में लगभग विश्व के 10% पेटेंट में अपना योगदान स्थापित करेगा, जिसमें से 4000 पेटेंट पहले ही किए जा चुके हैं। साथ ही यूबिक्विटस कनेक्टिविटी  (Ubiquitous Connectivity) का भारत का प्रस्ताव 3GPP और ITU जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्वीकृत हो चुका है।

विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत वर्किंग ग्रुप्स, नियमित मॉनिटरिंग

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत 6G एलायंस के अंतर्गत 7 वर्किंग ग्रुप्स है, जो स्पेक्ट्रम, डिवाइस टेक्नोलॉजी, कंपोनेंट्स, ग्रीन एवं सस्टेनेबिलिटी, आउटरीच और 6G यूज केस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में वर्किंग ग्रुप्स कार्य कर रहे हैं। इन सभी की प्रगति की त्रैमासिक समीक्षा मंत्रालय द्वारा की जाती है, जिससे समयबद्ध और प्रभावी विकास सुनिश्चित हो सके।

अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन से नवाचार को बढ़ावा

केंद्रीय मंत्री ने अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में फरवरी 2024 में बनाया गया, जिसका उद्देश्य देश में अनुसंधान और नवाचार को नई गति देना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से 2028 की अवधि के लिए ₹50,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो भारत में अनुसंधान और नवाचार के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इसके अंतर्गत वित्त मंत्री द्वारा ₹14,000 करोड़ का बजट भी घोषित किया गया है। सिंधिया ने बताया कि ANRF के तहत 8 महत्वपूर्ण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिनमें Advance Research Grant, Prime Minister Earlier career research grant, Inclusivity research grant, Centers of Excellence, Center of Excellence for Science & Technology, Innovation indicators and Analysis, Partnership for accelerated innovation & research और ANRF transnational research hub शामिल हैं।

इसके साथ ही सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस, इनोवेशन हब्स, ट्रांसनेशनल रिसर्च सहयोग और फेलोशिप कार्यक्रमों के माध्यम से देश में अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के लिए लगभग ₹300 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत 6G तकनीक में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करेगा और अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगा।

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