छात्र संघ चुनाव: Jamia Millia Islamia ने अनशनकारी छात्र को दिया कैंपस खाली करने का अंतिम नोटिस

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जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने छात्र संघ चुनाव की मांग पर भूख हड़ताल कर रहे छात्र रेहान खान को उत्तरी परिसर खाली करने का अंतिम नोटिस थमाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जगह खाली न करने पर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। अधिकारियों की तीन घंटे से अधिक की समझाइश के बाद भी छात्र ने अपना विरोध वापस लेने से इनकार कर दिया।

(भाष) जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे प्रथम सेमेस्टर के एक छात्र को सोमवार को अंतिम नोटिस जारी कर विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर को तत्काल खाली करने का निर्देश दिया। विश्वविद्यालय ने ऐसा नहीं करने पर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। रेहान खान उन दो छात्रों में शामिल हैं, जिन्होंने सोमवार को भी भूख हड़ताल जारी रखी।

विश्वविद्यालय ने छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन के भीतर चुनाव कराने की घोषणा की। खान ने दिन में कहा था कि विश्वविद्यालय ने संविधान को मंजूरी देने के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की है। उन्होंने इसके लिए एक निश्चित समयसीमा निर्धारित करने की मांग की।

विश्वविद्यालय के मुख्य प्रॉक्टर ने 26 अक्टूबर को जारी नोटिस में कहा कि सक्षम प्राधिकारी ने प्रदर्शनकारियों की मांगों के चार्टर को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। नोटिस में बताया गया है कि इसके बाद अधिकतर प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल समाप्त कर दी, विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया और उत्तरी परिसर में राजनीति विज्ञान एवं अर्थशास्त्र विभागों की इमारतों के साथ-साथ धरना स्थल भी खाली कर दिया। मुख्य प्रॉक्टर ने कहा कि हालांकि, खान ने सुबह चार बजकर 15 मिनट पर जारी नोटिस के बावजूद धरना और भूख हड़ताल कथित तौर पर जारी रखी।

नोटिस के अनुसार, वरिष्ठ संकाय सदस्यों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सुबह करीब आठ बजकर 50 मिनट पर खान से मुलाकात की और उन्हें तीन घंटे से अधिक समय तक भूख हड़ताल समाप्त करने तथा विरोध प्रदर्शन वापस लेने के लिए मनाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने उनकी अपील नहीं मानी। नोटिस में विश्वविद्यालय ने खान पर विश्वविद्यालय के आदेश और आपसी सहमति से तय शर्तों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। विश्वविद्यालय ने कहा कि खान के कदमों से संकेत मिलता है कि वह इस मुद्दे को बनाए रखना चाहते हैं।

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