Himachal के Nahan में दो पक्षों में पथराव, SHO समेत 14 लोग घायल

सिरमौर जिले के नाहन में स्वागत द्वार लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। उपद्रवियों ने ईंट-पत्थर और बोतलें फेंकने के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों को भी निशाना बनाया। पुलिस ने बीएनएस और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश के नाहन में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प में कुछ पुलिसकर्मियों समेत 14 लोग घायल हो गए। पुलिस ने शनिवार को कहा कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली गेट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर वाल्मीकि चौक के पास स्वागत द्वार लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद हिंसा भड़क उठी।
गोबिंदगढ़ इलाके के कुछ निवासी स्वागत द्वार लगाने की कोशिश कर रहे थे, जिसका वाल्मीकि बस्ती के निवासियों ने विरोध किया। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने शनिवार को बताया कि दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही बढ़ गई। इसके बाद दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर ईंट, पत्थर और कांच की बोतलों से हमला किया।
नेगी ने बताया कि नाहन के थाना प्रभारी अतिरिक्त पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘हालांकि, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ईंट, पत्थर और कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। बीच-बचाव के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया, जिससे कुछ पुलिस अधिकारी घायल हो गए।’’ उन्होंने बताया कि हिंसक भीड़ ने मौके पर मौजूद कई सरकारी और निजी वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
नेगी ने कहा कि जब नाहन के तहसीलदार दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के लिए मौके पर पहुंचे, तो भीड़ ने उनके सरकारी वाहन को रोक लिया और उस पर पत्थरों तथा लाठियों से हमला किया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना में नाहन सदर थाने के प्रभारी कुलबीर सिंह और दो अन्य पुलिसकर्मियों समेत 14 लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए नाहन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। इस घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-907ए पर यातायात भी बाधित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब तीन घंटे तक जाम लगा रहा और वाहनों की कतार लगभग पांच किलोमीटर तक पहुंच गई।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया है और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार गश्त की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा तीन के तहत मामला दर्ज किया है।
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