Kashmir में दशकों तक आतंकवाद से प्रभावित परिवार हाशिये पर रहे, मगर Modi के राज में अब वक्त बदल चुका है

Manoj Sinha
Source X: @OfficeOfLGJandK

उप राज्यपाल ने आतंकवाद के पीड़ितों के 37 परिजनों और सेवा के दौरान जान गंवाने वाले सरकारी कर्मचारियों के 29 परिजनों को नियुक्ति पत्र सौंपे। उपराज्यपाल ने आतंकवाद के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आतंकवाद के तंत्र और उसके समर्थकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का संकल्प लिया।

दशकों तक कश्मीर में आतंकवाद से प्रभावित परिवार हाशिये पर रहे लेकिन अब वक्त बदल चुका है और मोदी सरकार तथा उपराज्यपाल प्रशासन आतंकवाद प्रभावित परिवारों की तेजी से सुध ले रही है। हम आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि 2025 से अब तक आतंकवाद से पीड़ित 438 परिवारों के सदस्यों को नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह महज एक आंकड़ा नहीं बल्कि उन परिवारों की ‘बिखरी हुई दुनिया’ को समेटने का प्रयास है जिन्होंने हिंसा में अपने प्रियजनों को खो दिया है। मनोज सिन्हा ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे प्रत्येक मामले उन घरों का प्रतिनिधित्व करते हैं जहां ‘हंसी की जगह सन्नाटा छा गया था’ और उन परिवारों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्हें वर्षों तक खुद का भरण-पोषण करना पड़ा, अक्सर व्यक्तिगत नुकसान के अलावा सामाजिक उपेक्षा का भी सामना करना पड़ा।

हम आपको बता दें कि उप राज्यपाल ने आतंकवाद के पीड़ितों के 37 परिजनों और सेवा के दौरान जान गंवाने वाले सरकारी कर्मचारियों के 29 परिजनों को नियुक्ति पत्र सौंपे। उपराज्यपाल ने आतंकवाद के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आतंकवाद के तंत्र और उसके समर्थकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का संकल्प लिया। मनोज सिन्हा ने कहा, ‘‘मैं आतंकी हमलों के पीड़ितों के परिवारों को आश्वस्त करता हूं कि हम उनके गरिमापूर्ण और सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। हम उनके प्रति अपने हर कर्तव्य को पूरी गंभीरता से निभाएंगे और तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हर परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।’’ उपराज्यपाल ने कहा कि आतंकी हमलों के पीड़ितों के परिवारों के लिए न्याय केवल सजा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जख्मों को भरने और गरिमा को बहाल करना भी शामिल है।

इसे भी पढ़ें: लोकसभा में खड़े होकर इस सांसद ने किया ऐलान, ईरान के स्कूल के लिए देंगे 1 महीने का वेतन

मनोज सिन्हा ने आरोप लगाया कि दशकों तक आतंकवाद से प्रभावित परिवारों को हाशिए पर रखा गया, जबकि आतंकी नेटवर्क से जुड़े तत्वों को कथित तौर पर संरक्षण और लाभ मिलते रहे। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियां सामाजिक नैतिकता के पतन और कानून, विश्वास और एक न्यायपूर्ण समाज की नींव के कमजोर होने का प्रतीक हैं। उधर, नियुक्ति पत्र मिलने पर लोगों ने उपराज्यपाल का विशेष आभार जताया।

All the updates here:

अन्य न्यूज़