किसानों का आंदोलन हुआ समाप्त ! सरकार को मिली कुछ राहत

राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर किसानों का आंदोलन केंद्र के खिलाफ एक ‘अविश्वास प्रस्ताव’ पारित करने के बाद समाप्त हो गया।
नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों का आंदोलन नौ महीने से जारी है। हालांकि किसान संगठनों ने अपने आंदोलन को मजबूत करने के लिए जंतर-मंतर में किसान संसद का आयोजन किया था। जो सोमवार को समाप्त हो गई। किसान संसद के समाप्त होने से सरकार को कहीं-न-कहीं कुछ राहत जरूर मिली होगी क्योंकि किसानों ने जंतर-मंतर पर किसान संसद का आयोजन किया था जो संसद भवन से कुछ दूरी पर ही स्थित है।
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किसानों ने पारित किया अविश्वास प्रस्ताव
राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर किसानों का आंदोलन केंद्र के खिलाफ एक ‘अविश्वास प्रस्ताव’ पारित करने के बाद समाप्त हो गया। क्योंकि इसे बढ़ाने के लिए पुलिस से कोई अनुमति नहीं मांगी गई है। भारतीय किसान यूनियन के एक पदाधिकारी ने कहा कि केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ नौ महीने पहले शुरू हुआ किसान आंदोलन हालांकि दिल्ली की सीमाओं पर जारी रहेगा।इसे भी पढ़ें: भाजपा नेता का बड़ा बयान, केंद्र सरकार नए कृषि कानूनों को ले सकता है वापस
गौरतलब है कि कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर किसान संगठनों के लोग पिछले साल नवंबर से दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। सरकार किसान नेताओं के साथ 11 दौर की औपचारिक वार्ता कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। किसानों की मांग है कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लें और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) कानून बनाए।
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