ठाणे में ATS अधिकारी बनकर सामाजिक कार्यकर्ता से 2.5 लाख की ठगी, केस दर्ज

ठाणे में ATS अधिकारी बनकर सामाजिक कार्यकर्ता से 2.5 लाख की ठगी, केस दर्ज
प्रतिरूप फोटो
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महाराष्ट्र के ठाणे में साइबर ठगों ने खुद को आतंकवाद निरोधी दस्ते का अफसर बताकर एक सामाजिक कार्यकर्ता को पाकिस्तानी मुखबिर होने का डर दिखाया। गिरफ्तारी का खौफ दिखाकर पीड़ित से 2.5 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ठाणे, दो नवंबर महाराष्ट्र के ठाणे जिले में आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) का अधिकारी बनकर एक सामाजिक कार्यकर्ता को कथित तौर पर डराने-धमकाने और उससे 2.5 लाख रुपये की ठगी करने के संबंध में पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारी के अनुसार, उल्हासनगर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता मुरलीधर हरपालदास मखीजा ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें मार्च में एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर फोन आया था।

फोन करने वाले व्यक्ति ने अपनी पहचान एटीएस, पुणे के अधिकारी प्रमोद मिश्रा के रूप में बताई थी। शिकायत के मुताबिक, कॉल करने वाले ने मखीजा पर पाकिस्तानी मुखबिर होने और आतंकवाद से जुड़े होने का आरोप लगाया। साथ ही दावा किया कि उनके (शिकायतकर्ता) खाते में तीन करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं।

साथ ही, उन्हें बताया गया कि लखनऊ की एक अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसके बाद उन्हें वीडियो कॉल पर बार-बार परेशान किया गया और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ जाने के लिए दबाव डाला गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के डर से मखीजा ने अपने बैंक खाते में जमा सावधि जमा (एफडी) निकाला और निर्देशानुसार आरटीजीएस के माध्यम से मनीष शुक्ला नामक व्यक्ति के खाते में 2.5 लाख रुपये भेज दिए।

अधिकारी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार को तीन व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।

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