Delhi Police ने Swatantra Bhardwaj पर SC ST Act और POCSO की धाराएं लगाईं

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता पर हमले के मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराएं जोड़ी हैं। बुलंदशहर से हिरासत में लिए गए स्वतंत्र भारद्वाज पर एक नाबालिग कार्यकर्ता के उत्पीड़न का भी अलग मामला दर्ज हुआ है। लोजपा (रामविलास) ने भी चिराग पासवान का नाम घसीटे जाने पर पुलिस में शिकायत दी है।
नयी दिल्ली, चार सितंबर दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हिंदुत्व ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं जोड़ीं। यह मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर कॉजपा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले से जुड़ा है। भारद्वाज के खिलाफ यौन अपराधों से बाल संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
भारद्वाज को शुक्रवार को बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया। इससे कुछ घंटे पहले ही कॉकरेच जनता पार्टी (कॉजपा) ने कथित हमले को लेकर उसकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3), जो मौत की धमकी देने से संबंधित है, और एससी/एसटी अधिनियम की धाराओं को मौजूदा प्राथमिकी में जोड़ा गया है।
दास ने कहा कि ‘‘हत्या के प्रयास या गैर इरादतन हत्या के प्रयास’’ से संबंधित धाराएं भी जल्द जोड़ी जाएंगी। उन्होंने बताया कि कानूनी टीम गंभीर चोट पहुंचाने वाली धारा को शामिल करने की मांग कर रही है। भारद्वाज के एक साक्षात्कार का वीडियो क्लिप वायरल हुआ है, जिसमें वह दिल्ली में 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आज़ाद के पिता संजय कुमार की ‘खोपड़ी फोड़ने’ का दावा करते हुए सुनाई दे रहा है।
दास ने बताया कि एक अलग मामले में, पुलिस ने नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत पर भारद्वाज के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत एक नयी प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत में ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। दास ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) (मौत की धमकी देना), धारा 78 (पीछा करना) और धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 भी लगाई गई है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि पॉक्सो अधिनियम के तहत आरोपों में एक नयी प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस बीच, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने शुक्रवार को स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पार्टी ने आरोप लगाया कि जुलाई में कॉजपा के प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के मामले में भारद्वाज ने पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान के नाम का ‘‘झूठा और सार्वजनिक रूप से’’ इस्तेमाल किया।
शिकायत में कहा गया है कि न तो पासवान और न ही पार्टी का भारद्वाज से कोई संबंध है। इसमें यह भी कहा गया है कि पार्टी पीड़ित कार्यकर्ता और उसके घायल पिता के साथ खड़ी है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शिकायत पर आगे की कार्रवाई के लिए जांच की जा रही है और अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
यह शिकायत लोजपा (रामविलास) की कानूनी इकाई की ओर से नयी दिल्ली जिले के संसद मार्ग थाने में दर्ज कराई गई है।
अन्य न्यूज़















