Delhi Pollution Update | दीवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई 'बहुत खराब', कई इलाकों में AQI 300 के पार... GRAP-1 की पाबंदियां लागू

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, रोहिणी और चांदनी चौक में AQI क्रमशः 396 और 360 दर्ज किया गया, जो तय सीमा से काफी अधिक है। हवा की गुणवत्ता में यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब कुछ दिन पहले ही दिल्ली ने पिछले एक दशक में अक्टूबर महीने की सबसे साफ हवा दर्ज की थी।
दीवाली के त्योहार से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया है। सोमवार सुबह दिल्ली की हवा की गुणवत्ता तेजी से गिरकर 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में पहुंच गई। शहर के कई प्रमुख इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का स्तर 300 और 350 के पार दर्ज किया गया। हवा की गुणवत्ता में यह अचानक आई गिरावट इसलिए चिंताजनक है क्योंकि कुछ ही दिन पहले दिल्ली ने पिछले एक दशक में अक्टूबर महीने की सबसे साफ हवा दर्ज की थी।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, रोहिणी और चांदनी चौक में AQI क्रमशः 396 और 360 दर्ज किया गया, जो तय सीमा से काफी अधिक है। हवा की गुणवत्ता में यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब कुछ दिन पहले ही दिल्ली ने पिछले एक दशक में अक्टूबर महीने की सबसे साफ हवा दर्ज की थी।
अपने इलाके का AQI चेक करें
शहर भर के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI का स्तर 300 से ऊपर दर्ज किया गया, जो इसे 'बहुत खराब' श्रेणी में रखता है। इलाके के हिसाब से AQI के आंकड़े इस प्रकार हैं:
अलीपुर: 379
आनंद विहार: 242
अशोक विहार: 324
आया नगर: 281
बुराड़ी: 311
चांदनी चौक: 360
द्वारका सेक्टर 8: 355
IGI एयरपोर्ट (T3): 284
IIT दिल्ली: 334
ITO: 349
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम: 346
JNU: 313
लोधी रोड: 249
मुंडका: 376
नजफगढ़: 313
नरेला: 371
ओखला फेज-2: 348
पूसा: 339
RK पुरम: 368
रोहिणी: 396
विवेक विहार: 374
वजीरपुर: 321
GRAP के पहले चरण (Stage I) की पाबंदियां लागू
हवा के प्रदूषण के बिगड़ने के संकेतों के बीच, दिल्ली में रविवार (1 नवंबर) से 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (GRAP) के पहले चरण (Stage I) के उपाय लागू कर दिए गए हैं। कुछ वाहनों के प्रवेश पर पाबंदियां लागू होने के बाद, ट्रैफिक पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर जांच तेज कर दी है।
नए नियमों के तहत, दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसे वाहन जो BS-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों (emission standards) के अंतर्गत आते हैं, उन्हें 31 जनवरी तक शहर में चलने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, CNG और इलेक्ट्रिक वाहन, एम्बुलेंस, दमकल गाड़ियां, पुलिस वाहन और अन्य आधिकारिक तौर पर छूट प्राप्त श्रेणियों के वाहनों को दिल्ली की सड़कों पर चलने की अनुमति रहेगी।
कुछ जरूरी सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को छोड़कर, धूल उड़ाने वाले सभी तरह के तोड़फोड़ (demolition) और बाहरी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच भी निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा (कुछ विशेष छूटों को छोड़कर)।
28 फरवरी तक की अवधि के लिए, दिल्ली भर के अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क भी दोगुना कर दिया गया है।
सरकारी और निजी कार्यालयों को 1 नवंबर से 31 जनवरी तक कर्मचारियों की भौतिक उपस्थिति (physical attendance) 50 प्रतिशत तक सीमित रखनी होगी, जबकि बाकी कर्मचारी 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) करेंगे। आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को इस नियम से छूट दी गई है।
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