Prabhasakshi NewsRoom: Datia में Narottam Mishra का टिकट कटने पर बवाल, BJP कार्यकर्ताओं ने हाईवे किया जाम, इस्तीफों की लगी झड़ी

Narottam Mishra
ANI

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस के अनुसार जाम का असर आसपास के जिलों तक पहुंचा और कई घंटे तक यातायात व्यवस्था बाधित रही।

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शुक्रवार शाम से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। राज्य के पूर्व गृह मंत्री और दतिया से कई बार विधायक रह चुके नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से नाराज उनके समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ, जिसमें पुलिस अधिकारियों सहित कई जवान घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना रहा और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

हम आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने दतिया उपचुनाव के लिए वरिष्ठ संगठनात्मक नेता आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी के इस फैसले ने राजनीतिक हलकों के साथ-साथ स्थानीय कार्यकर्ताओं को भी चौंका दिया, क्योंकि उपचुनाव की घोषणा के बाद से ही नरोत्तम मिश्रा लगातार क्षेत्र में सक्रिय थे और उनके समर्थकों को पूरा विश्वास था कि टिकट उन्हें ही मिलेगा। बताया गया कि उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था। जैसे ही आशुतोष तिवारी के नाम की घोषणा हुई, बड़ी संख्या में नरोत्तम मिश्रा समर्थक सड़कों पर उतर आए और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस के अनुसार जाम का असर आसपास के जिलों तक पहुंचा और कई घंटे तक यातायात व्यवस्था बाधित रही। दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने बताया कि शाम लगभग छह बजे से तीन हजार से अधिक लोग प्रदर्शन कर रहे थे। उनके अनुसार प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद कराने का प्रयास किया और लगातार चक्का जाम जारी रखा। पुलिस और जिला प्रशासन ने कई बार प्रदर्शनकारियों से मार्ग खोलने की अपील की, लेकिन वे नहीं माने।

स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब तड़के सुबह पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन इसके बाद पथराव और तेज हो गया। इस घटना में पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने दोबारा आंसू गैस का प्रयोग करते हुए बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है और यातायात को सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री भानु सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कार्यकर्ता पूरी रात शांतिपूर्ण तरीके से रामधुन गाकर पार्टी नेतृत्व से नरोत्तम मिश्रा को टिकट देने की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उनके साथ कठोर व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को कार्यालय में बंद कर दिया गया और बिना कारण बल प्रयोग किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया जाएगा, तब तक विरोध जारी रहेगा।

हम आपको बता दें कि नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में पार्टी की दतिया इकाई के कुछ स्थानीय पदाधिकारियों ने भी अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया है। पार्टी की जिला इकाई के नेताओं ने आलाकमान को अल्टीमेटम दिया है कि यदि नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया गया तो उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की हार के लिए काम करेंगे। उधर, इस पूरे मामले पर अब तक नरोत्तम मिश्रा की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संभवतः उन्हें पार्टी से ऐसे झटके की उम्मीद नहीं रही होगी। हम आपको बता दें कि भाजपा युवा मोर्चा से अपना राजनीतिक कॅरियर शुरू करने वाले नरोत्तम मिश्रा धीरे-धीरे राज्य में पार्टी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बन गए थे। साल 2020 में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिराने की रणनीति में उनकी अहम भूमिका रही थी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में वह राज्य के गृह मंत्री रहे थे और उस दौरान उनकी छवि एक सख्त प्रशासक की बनी थी।

वहीं आशुतोष तिवारी ने उम्मीदवार घोषित होने के बाद कहा कि नरोत्तम मिश्रा उनके अभिभावक समान हैं और उन्हें विश्वास है कि वे चुनाव प्रचार में उनका सहयोग करेंगे। हम आपको बता दें कि दतिया विधानसभा सीट पर वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था। बाद में वर्ष 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने धोखाधड़ी के एक मामले में राजेंद्र भारती को तीन वर्ष की सजा सुनाई, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और सीट रिक्त हो गई। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी।

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