Cyclone Arnab: ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भारी बारिश, 30 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित निकाले गए

आंध्र प्रदेश तट पर चक्रवाती तूफान के दस्तक देने के बाद ओडिशा के दक्षिणी क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील और निचले इलाकों से लोगों को 2,037 आश्रय स्थलों में पहुंचाया है। मौसम विभाग ने मलकानगिरि और कोरापुट समेत कई जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
ओडिशा सरकार ने चक्रवात ‘अर्नब’ के खतरे के मद्देनजर 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राज्य के एक मंत्री ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आंध्र प्रदेश-यनम तट पर अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान के दस्तक देने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार को राज्य के पूरे दक्षिणी क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है।। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि चक्रवात से दक्षिणी ओडिशा के सभी जिलों के प्रभावित होने की आशंका है और मलकानगिरि में इसका सबसे अधिक असर पड़ सकता है।
पुजारी ने कहा, “चक्रवात फिलहाल आंध्र प्रदेश में है और दोपहर बाद ओडिशा पहुंचेगा।” उन्होंने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर कर्मियों और उपकरणों की तैनाती की गई है तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान जारी है। सरकार का मुख्य ध्यान गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरि और नबरंगपुर जिलों पर है। इन जिलों में निचले इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।
राज्य के 30 में से 16 जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बुधवार को बंद हैं। प्रशासन ने 2,037 चक्रवात आश्रय स्थलों को तैयार रखा है, जहां भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। कालाहांडी, कंधमाल और नुआपाड़ा जिलों में भी सतर्कता बरती जा रही है।
मंत्री ने बताया कि दक्षिणी जिलों में कुछ स्थानों पर पेड़ उखड़ने की खबरें मिली हैं, लेकिन अब तक बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवात बुधवार देर रात दो बजे से सुबह आठ बजे के बीच आंध्र प्रदेश-यनम तट से अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में गुजरा। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे रही।
आईएमडी ने बताया कि सुबह 8.30 बजे तक यह कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया और हवा की गति घटकर 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई। अगले 48 घंटों में इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान है। इसके बाद यह दक्षिणी ओडिशा से गुजरते हुए छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ सकता है।
कोरापुट, रायगड़ा, गजपति और गंजाम जिलों में चक्रवात के बाहरी प्रभाव के कारण लगातार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा कि चक्रवात के आगे बढ़ने के दौरान हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। आईएमडी ने मलकानगिरि, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगड़ा, गजपति और कालाहांडी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क किया गया है। बरगढ़, सोनपुर, बौध, नुआपाड़ा, बोलांगीर, कंधमाल, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और बरगढ़ जिलों के लिए 29 अक्टूबर को भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
पुजारी ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर 313 राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं। इनमें ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) के 60, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के नौ और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के 244 दल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की मछली पकड़ने वाली सभी 19,143 नौकाएं तट पर लौट आई हैं।
भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में एहतियातन कुछ सड़कों पर अस्थायी रोक सहित अन्य कदम उठाए गए हैं। मंत्री ने कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चक्रवात के कारण एक भी व्यक्ति की जान न जाए।”
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