Chhattisgarh Cabinet ने सरकारी कर्मचारियों और आश्रितों के लिए Cashless इलाज को दी मंजूरी

Chhattisgarh Cabinet ने सरकारी कर्मचारियों और आश्रितों के लिए Cashless इलाज को दी मंजूरी
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक में शासकीय सेवकों और उनके परिजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से क्लेम व पूर्व-अनुमोदन की व्यवस्था रहेगी।

छत्तीसगढ़ में मंत्रिपरिषद ने राज्य के शासकीय सेवकों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने से जुड़े प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में उनके सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि नयी व्यवस्था के तहत शासकीय सेवकों को इलाज के समय अस्पताल में चिकित्सा खर्च का भुगतान खुद करने और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी।

अधिकारियों के मुताबिक, सूचीबद्ध अस्पतालों में उन्हें कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी तथा पूर्व-अनुमोदन और दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से विशेष रूप से गंभीर बीमारी और आपातकाल की स्थिति में शासकीय सेवकों एवं उनके परिजन को तत्काल उपचार के साथ बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने राज्य में अधोसंरचना विकास की योजना, परियोजना तैयारी, गुणवत्ता, निगरानी और संधारण की व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं आधुनिक बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026’ के प्रारूप को मंजूरी प्रदान की।

उन्होंने बताया कि मिशन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए संचालित होगा, जिसके लिए कुल पांच सौ करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। अधिकारियों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) इसका नोडल विभाग और छत्तीसगढ़ सड़क एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (सीजीआरआईडीसीएल) क्रियान्वयन एजेंसी होगी। उन्होंने बताया कि मिशन के तहत राज्य का सड़क नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार करने, अधोसंरचना की आवश्यकताओं के डेटा आधारित आकलन, परियोजनाओं के सर्वेक्षण और डीपीआर की अग्रिम तैयारी, डब्ल्यूएएमआईएस और ई-माप पुस्तिका के माध्यम से कार्यों के डिजिटलीकरण, जीआईएस आधारित समेकित नियोजन, गुणवत्ता एवं सड़क सुरक्षा ऑडिट तथा पीपीपी और नवीन वित्तीय मॉडल को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि इससे परियोजनाओं की प्राथमिकता वस्तुनिष्ठ आधार पर तय होगी, निविदा से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी होने से समय और लागत में होने वाली वृद्धि को कम करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मिशन को लागू करने से संबंधित आवश्यक कार्यवाही के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में पर्यटन के समग्र विकास के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन’ को भी मंजूरी दी।

उन्होंने बताया कि ‘पर्यटन से समृद्धि’ के ध्येय के साथ मिशन का संचालन अगले पांच वर्षों तक किया जाएगा, जिसके लिए लगभग पांच सौ करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। अधिकारियों के मुताबिक, मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की, जिसके तहत प्रतिभा पहचान से लेकर पदक प्राप्ति तक खिलाड़ियों के विकास की क्रमबद्ध व्यवस्था प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के लिए वर्ष 2026-27 में एक सौ करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

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