Chandrababu Naidu ने YSRCP पर लगाया निकाय चुनावों में हिंसा और आपराधिक राजनीति का आरोप

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने पुंगनूर और तिरुपति समेत कई इलाकों में वाईएसआरसीपी पर अशांति फैलाने और राजग कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। वहीं वाईएसआरसीपी नेता अंबाती रामबाबू ने पलटवार करते हुए सत्तारूढ़ तेदेपा पर पुलिस और निर्वाचन आयोग से सांठगांठ कर लोकतंत्र को कमजोर करने की बात कही।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को युवजन श्रमिक रायतु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) पर ‘‘आपराधिक राजनीति’’ करने और हिंसा के जरिए स्थानीय निकाय चुनावों में बाधा डालने की कोशिश करने का आरोप लगाया। वाईएसआरसीपी ने पलटवार करते हुए सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) नीत सरकार पर पुलिस और राज्य निर्वाचन आयोग के साथ कथित मिलीभगत कर लोकतंत्र को ‘‘कमजोर’’ करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री नायडू ने उंडावल्ली स्थित अपने कैंप कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी ने पुंगनूर, दरसी, कडपा, थंबल्लेपल्ले और तिरुपति सहित कई जगहों पर अशांति पैदा की।
नायडू ने आरोप लगाया, ‘‘वाईएसआरसीपी ने शुरू से ही स्थानीय निकाय चुनावों में बाधा डालने की कोशिश की है। वह आपराधिक राजनीति कर रही है।’’ उन्होंने दावा किया कि वाईएसआरसीपी के एक सांसद ने अपने वाहन से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकर्ताओं को कुचल दिया। नायडू के अनुसार, जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी ने राज्य भर में लोगों पर हमले किए और वाहनों में आग लगा दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी चुनावी लाभ के लिए राज्य में अशांति पैदा करने का प्रयास कर रही है। इस बीच, वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेता अंबाती रामबाबू ने सत्तारूढ़ तेदेपा, पुलिस और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच कथित मिलीभगत के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार की आलोचना की। गुंटूर स्थित अपने कैंप कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में रामबाबू ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग नायडू के इशारे पर काम कर रहा है और हिंसा तथा धमकियों के जरिए निर्विरोध चुनाव कराने में मदद कर रहा है।
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