BRICS Summit के दौरान Delhi में नहीं होगी पूर्ण बंदी, VVIP रूटों पर बदलेगा ट्रैफिक

दिल्ली यातायात पुलिस ने भारत मंडपम में 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए विस्तृत परामर्श जारी किया है। सुरक्षा व्यवस्था और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के काफिले की आवाजाही के आधार पर 10 से 14 सितंबर के बीच कुछ प्रमुख मार्गों पर अस्थायी प्रतिबंध व डायवर्जन लागू रहेंगे। आवश्यक सेवाओं, मेट्रो और सामान्य यातायात को सुरक्षा नियमों के तहत चालू रखा जाएगा।
दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कोई पूर्ण बंदी नहीं होगी, लेकिन उन सड़कों पर कुछ वक्त के लिए यातायात को रोकने, मार्ग परिवर्तन और प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं जहां से अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) की गाड़ियों का काफिला गुजरेगा। दिल्ली यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि सुरक्षा आवश्यकताओं और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही के आधार पर इन व्यवधानों की अवधि तय होगी। यातायात पुलिस ने 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले एक विस्तृत परामर्श जारी किया।
अधिकारियों ने बताया कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही से जुड़े यातायात प्रतिबंध 10 सितंबर से लगभग 14 सितंबर तक लागू रहने की संभावना है। यातायात पुलिस ने कहा कि अधिसूचित नियंत्रित क्षेत्रों और वीआईपी आवाजाही के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मार्गों पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे, लेकिन जहां भी सुरक्षा व्यवस्था अनुमति देगी, सामान्य यातायात जारी रहेगा। पुलिस ने कहा कि नियंत्रित क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को सुरक्षा व्यवस्था के अधीन आवाजाही की अनुमति होगी और उन्हें वैध पहचान पत्र तथा पते का प्रमाण साथ रखने एवं वहां तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने कहा कि वीआईपी आवाजाही के दौरान यातायात रोकने की कोई निश्चित अवधि नहीं है। सुरक्षा आवश्यकताओं और मौके की स्थिति के आधार पर यातायात को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है या मार्ग बदला जा सकता है। शहर में बुधवार शाम को इस व्यवधान की एक झलक तब देखने को मिली जब गाड़ियों के काफिले की आवाजाही की ‘रिहर्सल’ के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है।
उनका दावा है कि चंद मिनटों में पूरे होने वाले रास्ते को तय करने में घंटों का वक्त लग रहा है। दिल्ली यातायात पुलिस ने वाहनों के काफिले की आवाजाही की रिहर्सल से पहले बुधवार को एक परामर्श जारी कर शहर की 35 से अधिक सड़कों पर मार्ग परिवर्तन और यातायात प्रतिबंधों की जानकारी दी। प्रभावित होने वाली प्रमुख सड़कों में मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंबा रोड, टॉलस्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं।
इसका प्रभाव विशेष रूप से नोएडा और मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली और मध्य क्षेत्रों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ-साथ द्वारका और पश्चिम दिल्ली से धौला कुआं, हवाई अड्डे और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की उनके साकेत स्थित होटल और मध्य दिल्ली के बीच आवाजाही से दक्षिण दिल्ली के पहले से ही जाम लगने वाले हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, खासकर व्यस्त घंटों के दौरान। यातायात पुलिस ने पहले इस मुद्दे को उठाया था और प्रतिनिधिमंडल के ठहरने की जगह को मध्य दिल्ली में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया था।
अधिकारियों ने कहा कि शिखर सम्मेलन की व्यवस्थाओं के लिए लगभग 4,800 यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यातायात व्यवधानों का आकलन करते समय शिखर सम्मेलन के पैमाने को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, क्योंकि भारत ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 भागीदार देशों के नेताओं के साथ-साथ अन्य आमंत्रित प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी कर रहा है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), सम्मिलित रक्षा सेवा (सीडीएस) और अन्य परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने परीक्षा केंद्रों और मार्गों की पहले से जांच कर लें, अपने प्रवेश पत्र तथा पहचान पत्र साथ रखें और पर्याप्त समय लेकर घर से निकलें।
किसी वास्तविक चिकित्सा आपात स्थिति में, यात्रियों को तुरंत नजदीकी यातायात कर्मियों को सूचित करना चाहिए। दिल्ली मेट्रो का परिचालन जारी रहेगा, हालांकि सुरक्षा कारणों से आवश्यकता पड़ने पर कुछ स्टेशनों या प्रवेश और निकास द्वारों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और शहर की बसें भी चलेंगी, लेकिन स्थिति के मद्देनजर इनके मार्गों में बदलाव किया जा सकता है या छोटा किया जा सकता है।
अंतर-राज्यीय बसों के भी मार्गों, प्रवेश स्थलों या समापन स्थलों में अस्थायी बदलाव किया जा सकता है। ऑटो, टैक्सी और ऐप-आधारित कैब सेवाएं चलती रहेंगी, लेकिन नियंत्रित या प्रतिबंधित क्षेत्रों में उनकी आवाजाही और उनके ‘पिक-अप’ तथा ‘ड्रॉप-ऑफ’ व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ‘डिलीवरी’ सेवाओं को भी नियंत्रित क्षेत्रों में इसी तरह के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस ने कहा कि दूध, दवाइयां और अन्य आपूर्तियों सहित आवश्यक सेवाओं की आवाजाही को लागू व्यवस्थाओं के अनुसार सुगम बनाया जाएगा। ट्रकों और भारी वाहनों को प्रवेश के समय और मार्गों पर विशेष प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। यातायात अधिकारियों ने ऑनलाइन मानचित्र सेवा प्रदाताओं के साथ बैठकें की गई हैं, जो शिखर सम्मेलन के दौरान उनके साथ समन्वय करेंगे और वास्तविक समय में अपने मंचों पर प्रतिबंधों, मार्ग परिवर्तनों और वैकल्पिक मार्गों को शामिल करेंगे।
ऑनलाइन कैब सेवा प्रदाताओं के साथ भी बैठकें की गई हैं, जिन्हें वीवीआईपी आवाजाही के दौरान प्रतिबंधित या नियंत्रित क्षेत्रों में ‘पिक-अप’ और ‘ड्रॉप-ऑफ पॉइंट’ न रखने की सलाह दी गई है। प्रतिबंधित और सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील सड़कों पर पार्किंग की अनुमति नहीं होगी। वाहन चालकों को निर्दिष्ट पार्किंग क्षेत्रों का उपयोग की सलाह दी गई है।
यातायात पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर दिल्ली बंद या पूर्ण सड़क बंद होने का दावा करने वाले असत्यापित संदेशों को प्रसारित करने के प्रति आगाह किया है और यात्रियों से केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करने को कहा है।
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