BJP ने GDP आंकड़ों पर Congress के सवालों को दिमागी नक्सल सोच बताया

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भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर को गलत गणना से घटाकर 2.6 प्रतिशत बताने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि कांग्रेस भारतीय उपलब्धियों को कमतर आंकने की कोशिश कर रही है। इससे पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जीडीपी गणना की नई पद्धति की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग की थी।

नयी दिल्ली, तीन सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने गलत गणना का इस्तेमाल करके भारत की 7.8 प्रतिशत की असल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि को ‘‘काल्पनिक’’ 2.6 प्रतिशत में बदल दिया है। केंद्र में सत्तारूढ़ दल ने इसे देश की आर्थिक तरक्की को देखने का ‘‘दिमागी नक्सल सोच’’ करार दिया। कांग्रेस ने जीडीपी के नये आंकड़ों को लेकर बृहस्पतिवार को सवाल उठाया और कहा कि मोदी सरकार को यह बताना चाहिए कि जीडीपी के आकलन की नयी पद्धति तैयार करने की प्रक्रिया क्या थी और इसमें किन विशेषज्ञों और संस्थाओं से सलाह ली गई तथा अलग-अलग घटकों को शामिल करने का आधार क्या रहा।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि नयी पद्धति तैयार करने और उसे लागू करने की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने की जरूरत है। रमेश ने एक बयान में कहा, ‘‘अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए जारी 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि के आंकड़े को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं।’’ उन्होंने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि यदि पुराने आधार आंकड़े को बरकरार रखा जाता तो नाममात्र की वृद्धि करीब 2.6 प्रतिशत होती, न कि सरकार द्वारा बताई गई 10.3 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई देती। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा, ‘‘जयराम रमेश का तीन पन्नों का पूरा बयान दो ऐसी संख्याओं की तुलना पर आधारित है जिनकी तुलना नहीं की जा सकती।

उस गलती पर टिकी हर बात उसी के साथ ध्वस्त हो जाती है।’’ बलूनी ने कहा, ‘‘अगर आर्थिक आंकड़े बेहतर होते हैं, तो वे किसी एक कमजोर आंकड़े को ढूंढ निकालते हैं। अगर गणित उनकी राजनीति का साथ नहीं देता, तो वे गणित ही बदल देते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यही दिमागी नक्सल वाली सोच है – यानी भारतीय उपलब्धियों को स्वीकार न कर पाना, और साथ ही उन्हें कमतर दिखाने, बदनाम करने और खुद भारतीयों का आत्मविश्वास कम करने की लगातार कोशिश करना।’’ बिना नाम लिए, भाजपा नेता ने गर्ग की आलोचना करते हुए कहा कि एक पूर्व वित्त सचिव, जिन्होंने राष्ट्रीय खातों पर आधारित प्रणाली में सबसे ऊंचे पद पर काम किया है, उन्हें ‘‘आर्थिक तुलना का पहला नियम पता होना चाहिए -- दोनों तरफ एक ही सीरीज का इस्तेमाल करें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह पहली बार नहीं है जब भारत ने अपने जीडीपी के आधार वर्ष में बदलाव किया है। आज़ादी के बाद से यह नौवीं बार है जब ऐसा बदलाव किया गया है।

सिर्फ 1956 और 1999 के बीच ही पांच बार बदलाव किए गए थे। कुल नौ बदलाव में से पांच तब हुए जब केंद्र की सत्ता में कांग्रेस थी।

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