गम्हरिया थाने की घटना पर BJP आक्रामक, Neera Yadav ने हेमंत सोरेन से मांगा इस्तीफा

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में थाने के भीतर महिला से दुष्कर्म के मामले को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। विधायक नीरा यादव ने आरोप लगाया कि सोरेन सरकार के संरक्षण के चलते राज्य में रक्षक ही भक्षक बन चुके हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई न होने की स्थिति में मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की।
रांची, एक नवंबर झारखंड में भाजपा विधायक नीरा यादव ने रविवार को आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार के संरक्षण में ‘रक्षक ही भक्षक बन गए हैं।’ उनकी यह टिप्पणी सरायकेला-खरसावां जिले के एक पुलिस थाने के अंदर एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म की घटना के बाद आई है। यादव ने दावा किया कि 2020 से 2024 के बीच दुष्कर्म की 10,113 से अधिक घटनाएं हुईं, जबकि हत्या और अपहरण के 10,000 से ज्यादा मामले सामने आए। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में महिला आयोग की अध्यक्ष का पद पिछले सात वर्षों से खाली पड़ा है।
यादव ने कहा, ‘‘राज्य में कोई भी सुरक्षित नहीं है, खासकर महिलाएं। गम्हरिया पुलिस थाने के अंदर हुई घटना बेहद शर्मनाक है। रक्षक ही भक्षक बन गए हैं और यह सब हेमंत सोरेन सरकार द्वारा अपराधियों को संरक्षण दिए जाने के कारण हो रहा है।’’ झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया पुलिस थाने में एक महिला ने एक कांस्टेबल पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है।
महिला 29 अक्टूबर की रात शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची थी। इस मामले में आरोपी कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
यादव ने कहा, ‘‘राज्य सरकार रोजगार उपलब्ध कराने में विफल रही है, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में नाकाम रही है और अब पुलिस थाने के भीतर भी महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल साबित हुई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राज्य की जनता को बताना चाहिए कि जब हमारी माताएं, बहनें और बेटियां पुलिस थाने के भीतर भी सुरक्षित नहीं हैं, तो वे आखिर कहां जाएं?’’ उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा की गुहार लेकर गम्हरिया पुलिस थाने पहुंची थी, लेकिन यह बेहद शर्मनाक है कि थाने के भीतर ही उसके साथ दुष्कर्म किया गया। यादव ने कहा, ‘‘भाजपा ने मांग की है कि राज्य सरकार इस घटना का तत्काल संज्ञान ले, निष्पक्ष जांच कराए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। यदि सरकार ऐसा करने में असमर्थ है, तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।’’
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