Bengal में नदी कटाव रोकने को IIT Kanpur की मदद से बनेगी योजना

पश्चिम बंगाल सरकार नदी तटों के कटाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बिहार और झारखंड के साथ समन्वय कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अतिरिक्त फंड की मांग के लिए पत्र भेजा गया है। मालदा के मानिकचक और रतुआ जैसे क्षेत्रों में हर साल होने वाले कटाव के समाधान के लिए आईआईटी-कानपुर के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
कोलकाता, चार सितंबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार नदी किनारे होने वाले बार-बार के कटाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए काम कर रही है। अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त धनराशि की मांग करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा गया है। भारी बारिश और दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद राज्य के कई जिले बाढ़, जलभराव और नदी किनारे कटाव से प्रभावित हुए हैं।
अधिकारी ने यहां संवाददाताओं से कहा, “ये दो अलग-अलग घटनाएं हैं। एक मामला कटाव से जुड़ा है, खास तौर पर मालदा के मानिकचक और रतुआ इलाकों में, जहां हर साल यह समस्या सामने आती है। यह कटाव एक बड़ी समस्या है, जिसका हम स्थायी समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिहार और झारखंड की सरकारों के साथ समन्वय कर तथा आईआईटी-कानपुर के विशेषज्ञों की मदद से दीर्घकालिक योजना तैयार कर रही है।
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