Bengal BJP चीफ Samik Bhattacharya बोले, पुलिस फायरिंग में दुष्कर्म आरोपियों का मरना एनकाउंटर नहीं

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पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने दो अलग-अलग मामलों में पुलिस गोलीबारी में मारे गए दुष्कर्म और हत्या के आरोपियों की मौत को एनकाउंटर मानने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जिन परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी, उसे मुठभेड़ कहना भ्रामक है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अब सिंडिकेट खत्म हो चुका है और कानून का शासन है।

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मंगलवार को कहा कि दो जिलों में पुलिस के साथ कथित गोलीबारी में दुष्कर्म और हत्या के दो आरोपियों की मौत को “एनकाउंटर” नहीं कहा जा सकता। मंगलवार तड़के उत्तर 24 परगना जिले के गायघाट में, 17 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार एक व्यक्ति पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में मारा गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी को अपराध के नाट्य रूपांतर के लिए अपराध स्थल पर ले जाया गया था।

उन्होंने बताया कि इस दौरान आरोपी ने कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी की सरकारी रिवॉल्वर छीन ली और पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। यह तीन महीनों में इस तरह की दूसरी घटना थी; इससे पहले जुलाई में, दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या का एक अन्य आरोपी पुलिस के साथ कथित गोलीबारी में मारा गया था। आरोप है कि अपराध स्थल पर घटनाक्रम के नाट्यरुपांतरण के दौरान उसने एक अधिकारी की रिवॉल्वर छीन ली और पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की।

प्रदेश भाजपा प्रमुख ने कहा कि दोनों आरोपियों की मौत को “एनकाउंटर” बताना गुमराह करने वाला है। भट्टाचार्य ने कहा, “दोनों मामलों में जिन हालात की वजह से पुलिस को आरोपियों पर गोली चलानी पड़ी, उन्हें ‘मुठभेड़’ नहीं कहा जा सकता।” भट्टाचार्य ने दावा किया कि बंगाल में अब कानून का राज है न कि शासक का कानून, जो “पिछली सरकार के समय चलता था”। पश्चिम बंगाल में 2021 के चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा गठित एक समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि “राज्य में कानून का शासन नहीं, बल्कि शासक का कानून चल रहा था।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जीते थे। प्रदेश भाजपा प्रमुख ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ‘सिंडिकेट’ शब्द अब खत्म हो चुका है, इसलिए लोग अब बिना किसी डर के बाहर निकल सकते हैं।

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