Anna Hazare की सेहत में सुधार, Bombay Hospital में दो दिन और रहेंगे

मुंबई के अस्पताल में उपचाराधीन 89 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की सेहत में सुधार दर्ज किया गया है। चिकित्सकों की सलाह पर अब वह नियमित रूप से भोजन ले रहे हैं और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही उन्हें छुट्टी दी जाएगी।
मुंबई, दो सितंबर मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की तबीयत में सुधार हुआ है और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार वह अब नियमित रूप से भोजन कर रहे हैं। उनके एक करीबी सहयोगी ने बुधवार को यह जानकारी दी। सहयोगी ने बताया कि चिकित्सकों से मिली जानकारी के मुताबिक, 89 वर्षीय हजारे को चिकित्सीय निगरानी में अभी दो दिन और बॉम्बे अस्पताल में भर्ती रखा जायेगा।
उनके सहयोगी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘चिकित्सकों ने अन्ना हजारे की जांच की। उनकी हालत में सुधार हुआ है। चिकित्सकों की सलाह के अनुसार अन्ना अब नियमित रूप से भोजन भी कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम भी चाहते हैं कि अन्ना के अस्पताल से छुट्टी लेकर अहिल्यानगर जिले के अपने गांव रालेगण सिद्धि लौटने से पहले वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएं।’’ अन्ना हजारे को सोमवार रात दक्षिण मुंबई स्थित बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इससे पहले उनके रक्त जांच की रिपोर्ट में गुर्दे में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उनके सहयोगी दत्ता आवारी ने यह जानकारी दी थी। चिकित्सक डॉ. गौतम भंसाली ने मंगलवार को बताया था कि हजारे की हालत स्थिर है और वह धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं।
भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों के लिए पहचाने जाने वाले हजारे को उनके पैतृक गांव रालेगण सिद्धि से मुंबई लाया गया था। इससे पहले उनका इलाज स्थानीय चिकित्सा केंद्र में किया गया था। आवारी के मुताबिक, हजारे को पिछले सप्ताह अहिल्यानगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ था।
हालांकि, गुर्दे में संक्रमण पाए जाने के बाद उन्हें इलाज के लिए मुंबई लाया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार शाम मुंबई के अस्पताल में हजारे से मुलाकात की और उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली। जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने भी मंगलवार को अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना था।
सेना में सेवा देने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता बने हजारे को पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने पिछले कई वर्षों में ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने, सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कई आंदोलनों का नेतृत्व किया है।
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