Ayodhya में राम मंदिर के चंदे से खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य? Anukalp Mishra की 12 संपत्तियां रडार पर

Ayodhya
ANI
अभिनय आकाश । Jul 4 2026 2:15PM

अधिकारियों को पता चला है कि सबसे ज़्यादा संपत्तियां कथित तौर पर आरोपी अनुकल्प मिश्रा और उनके जीजा लवकुश मिश्रा से जुड़ी हैं। सूत्रों के मुताबिक, अब तक इन दोनों से जुड़ी कम से कम 12 संपत्तियों की पहचान की गई है। बताया जा रहा है कि इन संपत्तियों की कीमत कई करोड़ रुपये है।

अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान की कथित चोरी की जांच में संपत्ति से जुड़ा एक अहम सुराग मिला है। अधिकारियों ने आरोपी से जुड़ी कई संपत्तियों की पहचान की है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या चोरी किए गए दान के पैसे का इस्तेमाल इन संपत्तियों को खरीदने में किया गया था। अयोध्या प्रशासन अब चल रही जांच के तहत संपत्तियों की बारीकी से जांच-पड़ताल कर रहा है।

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अनुकल्प मिश्रा जांच के घेरे में

अधिकारियों को पता चला है कि सबसे ज़्यादा संपत्तियां कथित तौर पर आरोपी अनुकल्प मिश्रा और उनके जीजा लवकुश मिश्रा से जुड़ी हैं। सूत्रों के मुताबिक, अब तक इन दोनों से जुड़ी कम से कम 12 संपत्तियों की पहचान की गई है। बताया जा रहा है कि इन संपत्तियों की कीमत कई करोड़ रुपये है। अधिकारी अब यह पता लगा रहे हैं कि इनमें से कौन सी संपत्तियां पुश्तैनी हैं और कौन सी हाल ही में खरीदी गई हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों के पास न सिर्फ़ अयोध्या में, बल्कि आसपास के इलाकों जैसे बसावा, मिल्कीपुर और रुदौली में भी संपत्तियां हैं। कुछ संपत्तियां आरोपियों के नाम पर रजिस्टर्ड थीं, जबकि कुछ अन्य कथित तौर पर परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई थीं।

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व्यापक जांच अभी भी जारी है

राम मंदिर में कथित तौर पर दान की चोरी के मामले में चल रही व्यापक जांच के साथ-साथ प्रॉपर्टी से जुड़ी जांच भी चल रही है। पुलिस और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और मंदिर के दान के प्रबंधन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इसमें कोई बड़ी व्यवस्थागत खामी थी या इसमें और भी लोग शामिल थे। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और वित्तीय व प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करने पर और भी खुलासे होने की उम्मीद है। जांच के दौरान, पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों की बारीकी से जांच कर रही है। शुरुआती जांच से पता चला है कि चोरी किए गए पैसे का इस्तेमाल या तो बैंक खातों में जमा करने या प्रॉपर्टी खरीदने में किया गया था। सबसे अहम खुलासा यह है कि आरोपी अपने बैंक खातों में जमा बड़ी रकम के बारे में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पा रहे हैं। पुलिस अब उनके बैंक लेन-देन के आधार पर लगातार उनसे पूछताछ कर रही है।

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