वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में हो रहे बदलावों से अजीत डोभाल ने किया आगाह, कही यह अहम बात

एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि आपदाओं और महामारियों से अकेले नहीं निपटा जा सकता और इससे होने वाले नुकसान को भी घटाने की जरूरत है। इसी बीच उन्होंने शहरी इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि साल 2030 तक भारत में 60 करोड़ लोगों के शहरी इलाकों में रहने की उम्मीद है।
पुणे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने पुणे इंटरनेशनल सेटर द्वारा आयोजित पुणे डॉयलॉग में आपदा एवं महामारी के युग में राष्ट्रीय सुरक्षा की तैयारियों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी और जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा संदेश यह है कि सभी की भलाई ही सभी के जीवन को सुनिश्चित करेगी। खतरनाक रोगाणुओं को हथियारों का रूप दिया जाना एक गंभीर चिंता का विषय है। इसने व्यापक राष्ट्रीय क्षमताओं और जैव-सुरक्षा का निर्माण करने की जरूरत बढ़ा दी है।
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खर्चीले साबित हो रहे हैं ऐसे युद्ध
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गौरतलब है कि चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस से भारत समेत दुनिया के तमाम मुल्क प्रभावित हुए हैं। इस महामारी की वजह से भारत में अकेले 4 लाख 56 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 3 करोड़ 42 लाख से ज्यादा संक्रमित हो चुके हैं।
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