Rabri Devi को 7 दिन का अल्टीमेटम, Sarkari Bungalow खाली नहीं करने पर होगी कार्रवाई

बिहार भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 29 जून तक 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने का अंतिम नोटिस दिया है, जिसमें ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। राबड़ी देवी ने पहले ही इस आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया है, जिससे यह मामला RJD परिवार से जुड़े इस अहम राजनीतिक पते पर विवाद का रूप ले चुका है।
बिहार भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को एक अंतिम नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 29 जून तक 10 सर्कुलर रोड स्थित अपने सरकारी आवास को खाली करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर बिहार सरकारी परिसर अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 22 जून के इस नोटिस में राबड़ी देवी को परिसर खाली करने के लिए सात दिन की समय-सीमा दी गई है। इसमें कहा गया है कि यदि वह इस अवधि के भीतर बंगला खाली नहीं करती हैं, तो नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने राबड़ी देवी को पहले भेजे गए रिमाइंडर का भी उल्लेख किया और 39 हार्डिंग रोड पर एक अलग सरकारी आवास आवंटित किए जाने की बात भी बताई।
इसे भी पढ़ें: Bihar AI Policy से Migration नहीं, Innovation Hub बनेगा राज्य, मंत्री नीतीश मिश्रा का बयान
राबड़ी देवी को पहले मई 2026 में 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले को खाली करने के लिए 15 दिन की समय-सीमा के साथ एक नोटिस जारी किया गया था। बिहार सरकार ने 29 मई को यह नोटिस जारी कर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता से सरकारी संपत्ति खाली करने को कहा था। सरकार के निर्देशों के बावजूद, राबड़ी देवी ने पत्रकारों से कहा कि वह घर खाली नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि वे जगह खाली कराने के लिए फोर्स बुला सकते हैं, लेकिन मैं यह जगह खाली नहीं करूंगी।
10 सर्कुलर रोड का बंगला लंबे समय से RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़ा रहा है। राबड़ी देवी ने वहां रहते हुए बिहार की मुख्यमंत्री के तौर पर काम किया, जिससे यह जगह राष्ट्रीय जनता दल के लिए एक अहम राजनीतिक पता बन गई। राबड़ी देवी के सरकारी बंगले को लेकर चल रहे विवाद पर टिप्पणी करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जन-प्रतिनिधियों को सरकारी आवासों से बहुत ज़्यादा लगाव नहीं रखना चाहिए।
इसे भी पढ़ें: PK का Bhojpur Encounter पर बड़ा बयान, बोले- पुलिस ने की हत्या, Judicial Inquiry हो!
चौधरी ने कहा कि कुछ लोगों को सरकारी आवास का बहुत मोह होता है। मेरे बेटे को अलग घर चाहिए, मेरी माँ को अलग घर चाहिए और मेरे पिता को भी अलग घर चाहिए। जिस दिन मेरी पार्टी और नेता मुझसे कहेंगे कि मेरा काम पूरा हो गया है, मैं 24 घंटे के अंदर अपना सामान समेटकर चला जाऊँगा। मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार की भी तारीफ़ की और बताया कि उनके पद संभालने के तुरंत बाद ही नीतीश कुमार ने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया था। उन्होंने कहा कि मैं 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री बना और 1 मई को नीतीश कुमार ने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया और दूसरे घर में चले गए। इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूँ।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
अन्य न्यूज़















