Sheikh Hasina का आरोप, Bangladesh में रोजाना 7 हजार लोगों की हो रही गिरफ्तारी

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर वर्तमान सरकार पर राजनीतिक विरोधियों के दमन और मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि देश में बड़े पैमाने पर छापेमारी और झूठे मुकदमों का दौर चल रहा है। साथ ही उन्होंने देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आवश्यक वस्तुओं की किल्लत की भी आलोचना की।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मंगलवार को आरोप लगाया कि देश में “बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां, तलाशी अभियान और लोगों को प्रताड़ित करने” की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार पर राजनीतिक विरोधियों का दमन करने का भी आरोप लगाया। शेख हसीना ने बांग्लादेश अवामी लीग द्वारा सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा, “आज का बांग्लादेश बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों, तलाशी अभियानों, यातनाओं, झूठे मुकदमों और मानवाधिकारों के उल्लंघन वाला देश बन गया है।

देश में न तो कानून का राज है, न लोगों के अधिकार सुरक्षित हैं और न ही आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित है।’’ वर्ष 2024 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद सत्ता से बेदखल की गईं शेख हसीना ने आरोप लगाया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​“गोपालगंज सहित देश के विभिन्न इलाकों में सामूहिक छापेमारी और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रही हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘हर दिन 5,000 से 7,000 लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।’’ हसीना ने कहा कि बांग्लादेश के लोगों को “उनके बुनियादी अधिकारों और कानूनी संरक्षण की गारंटी दी जानी चाहिए।” उन्होंने कहा, “धांधली से हुए चुनाव के जरिए सत्ता में आई सरकार ने स्पष्ट रूप से देश से अवामी लीग का सफाया करने का अभियान शुरू कर दिया है।’’ बीएनपी सरकार के आर्थिक प्रबंधन की आलोचना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश में गैस, बिजली, ईंधन और उर्वरकों की कमी है। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं, बेरोजगारी में इजाफा हो रहा है, मिलें और कारखाने बंद हो रहे हैं तथा निवेश की गति धीमी पड़ गई है। बांग्लादेश में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद पांच अगस्त, 2024 को शेख हसीना की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था।

इसके बाद वह देश छोड़कर भारत आ गई थीं। तब से वह भारत में रह रही हैं।

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