UNSC में Austria के अस्थायी सदस्य बनने पर जयशंकर ने दी बधाई, सहयोग बढ़ाने पर जोर

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ANI
अभिनय आकाश । Oct 28 2026 3:20PM

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत दौरे पर आईं ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री बीटे मेनल-रीसिंगर के साथ द्विपक्षीय सहयोग और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा की। इस दौरान दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी, आर्थिक संबंधों और अंतरराष्ट्रीय शांति में संयुक्त योगदान पर जोर दिया। जयशंकर ने ऑस्ट्रिया को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बनने पर बधाई भी दी।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में योगदान देने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री बीटे मेनल-रीसिंगर के साथ बैठक की, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की गई और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा हुई। बैठक की शुरुआत में अपनी टिप्पणी में जयशंकर ने कहा जाहिर है, दुनिया के लिए यह एक जटिल दौर है। ऐसे में यह स्वाभाविक है कि भारत और ऑस्ट्रिया जिनके बीच बहुत ही आत्मीय और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं - वे कई मुद्दों पर चर्चा करें और देखें कि हम मिलकर अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में कैसे योगदान दे सकते हैं। अप्रैल में ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर की भारत यात्रा का जिक्र करते हुए, जयशंकर ने कहा कि इस मुलाकात से उस यात्रा के दौरान बनी सहमति और हुए समझौतों पर हुई प्रगति की समीक्षा करने का मौका मिला है। उन्होंने कहा अप्रैल में चांसलर की भारत यात्रा हुई थी, जो काफी सार्थक रही। मुझे लगता है कि आज हमारे पास उस समय बनी सहमति और हुए समझौतों पर हुई प्रगति की समीक्षा करने का एक अच्छा अवसर है। 

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जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बनने पर ऑस्ट्रिया को बधाई दी और संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के भीतर दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा मैं इस मौके पर आपको संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बनने के लिए बधाई देना चाहता हूँ। संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के भीतर हमारे सहयोग का एक लंबा इतिहास रहा है। जाहिर है, हम इस सहयोग को आगे भी जारी रखना चाहेंगे। द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों पर विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग अच्छी तरह आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसमें और विस्तार की गुंजाइश है। जयशंकर ने कहा हमारे आर्थिक सहयोग की बात करें तो यह अच्छा चल रहा है, लेकिन इसमें और भी बेहतर होने की संभावना है। मुझे लगता है कि लोगों के बीच आपसी संबंधों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, तथा जलवायु से जुड़े मुद्दों पर भी हमारा सहयोग गहरा हो रहा है। उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ भारत के बढ़ते संबंधों के व्यापक संदर्भ पर भी जोर दिया और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में प्रगति की उम्मीद जताई। 

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उन्होंने कहा इसके अलावा, यूरोपीय संघ के साथ हमारे संबंध और गहरे हुए हैं। हमें उम्मीद है कि आने वाले महीनों में FTA को अंतिम रूप दे दिया जाएगा और यह लागू हो जाएगा।" जयशंकर ने द्विपक्षीय रणनीतिक और सुरक्षा सहयोग में हुई प्रगति का भी जिक्र किया और कहा हमारी रणनीतिक, सुरक्षा और रक्षा साझेदारी आगे बढ़ रही है। इसलिए, मुझे लगता है कि हमारे सामने एक अच्छा एजेंडा है।" ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब ऑस्ट्रिया की यूरोपीय और अंतर्राष्ट्रीय मामलों की संघीय मंत्री, बीटे मीनिल-रीसिंगर, 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं।

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