Russia Election: पुतिन की United Russia पार्टी को संसद में मिला प्रचंड बहुमत, 355 सीटें मिलने के संकेत

रूस में यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद हुए पहले संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समर्थित यूनाइटेड रशिया पार्टी ने संसद के निचले सदन में अपना भारी बहुमत बरकरार रखा है। केंद्रीय चुनाव आयोग के शुरुआती रुझानों के मुताबिक पार्टी 450 में से 355 सीटें जीतने की ओर बढ़ रही है। इस चुनावी प्रक्रिया में पहली बार मॉस्को द्वारा शामिल किए गए यूक्रेन के चार क्षेत्रों और क्रीमिया में भी मतदान कराया गया।
यूक्रेन से युद्ध शुरू होने के बाद रूस में पहली बार हुए संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की समर्थित यूनाइटेड रशिया पार्टी ने देश की संसद में अपना बहुमत बरकरार रखा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मतदान एक सुनियोजित प्रक्रिया के तहत हुआ, जिसमें ज्यादातर विपक्षी उम्मीदवार शामिल नहीं थे और इससे सरकार का सत्ता पर मजबूत नियंत्रण बना रहा।
केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार, 95 प्रतिशत से अधिक मतदान केंद्रों के नतीजों में पार्टी की सूची के आधार पर चुने जाने वाले 225 सांसदों की सीट पर यूनाइटेड रशिया को लगभग 58 प्रतिशत वोट मिले हैं। इसके अलावा, 225 सांसदों का चुनाव अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में सीधे मुकाबले के जरिए हुआ है। इस निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों में यूनाइटेड रशिया के उम्मीदवार 208 सीटों पर आगे हैं।
केंद्रीय चुनाव आयोग की अध्यक्ष एला पामफिलोवा ने कहा कि शुरुआती नतीजों से संकेत मिलता है कि यूनाइटेड रशिया को 450 में से 355 सीटें मिलेंगी। इस चुनाव में पहली बार यूक्रेन के उन चार क्षेत्रों के निवासियों को भी शामिल किया गया है, जिन्हें युद्ध शुरू होने के बाद मास्को ने अवैध रूप से रूस में मिला लिया था। हालांकि, इन क्षेत्रों पर रूस का अब भी पूरी तरह नियंत्रण नहीं है।
वर्ष 2014 में रूस द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए गए क्रीमिया प्रायद्वीप में भी मतदान हुआ। यूक्रेन ने इन क्षेत्रों में मतदान को अवैध करार दिया है। चुनाव से पहले रूसी सत्ता प्रतिष्ठान ‘क्रेमलिन’ ने विपक्ष के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज कर दी।
इसमें रूस की एकमात्र उदारवादी और युद्ध-विरोधी पार्टी को मतदान प्रक्रिया से बाहर करना तथा उसे केवल एकल मतदान वाली सीटों पर चुनाव लड़ने की अनुमति देना शामिल था। यूनाइटेड रशिया के साथ-साथ, कई अन्य पार्टियों ने भी ‘स्टेट ड्यूमा’ (संसद के निचले सदन) में सीटें जीतीं, जो लगभग हमेशा ‘क्रेमलिन’ की पहल के पक्ष में वोट करती हैं। मतदाताओं ने दो अलग-अलग मतपत्रों के जरिए मतदान किया।
ड्यूमा की 450 सीटों में से आधी सीटों के लिए उन्होंने मतपत्र पर सूचीबद्ध राजनीतिक दलों में से चुनाव किया। बाकी सीटों पर एकल-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबला हुआ, जहां मतदाताओं ने व्यक्तिगत उम्मीदवारों को चुना। युद्ध की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने वाले एकमात्र पंजीकृत राजनीतिक दल याब्लोको पार्टी को पिछले महीने रूस के उच्चतम न्यायालय ने मतदान प्रक्रिया से बाहर कर दिया।
इस पार्टी के केवल कुछ दर्जन उम्मीदवार ही एकल निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा, कुछ युद्ध-विरोधी नेताओं को चुनाव अभियान से पहले जेल भेज दिया गया या उन्हें देश छोड़कर विदेश जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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