US-China Relations में सुधार की उम्मीद: Marco Rubio बोले- Xi Jinping की यात्रा से सुलझेंगे आपसी मतभेद

Marco Rubio
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Ankit Jaiswal । Jul 22 2026 10:13PM

ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच व्यक्तिगत संबंधों और कूटनीतिक प्रतिस्पर्धा का मिश्रण आने वाले समय में वैश्विक राजनीति की दिशा तय करेगा जिसमें संवाद ही एकमात्र सुरक्षा वाल्व है। रुबियो द्वारा विवादों को नियंत्रित करने पर जोर देना यह स्पष्ट करता है कि आर्थिक और सुरक्षा चिंताओं के बावजूद दोनों देश सीधे टकराव से बचने को प्राथमिकता दे रहे हैं। कीवर्ड्स: डोनाल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा, भू-राजनीति, वैश्विक व्यापार मार्ग, भारत-प्रशांत क्षेत्र।

अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं, लेकिन दोनों देश संवाद के जरिए रिश्तों को स्थिर बनाए रखने की कोशिश भी कर रहे हैं। इसी कड़ी में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि सितंबर में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित अमेरिका यात्रा काफी सकारात्मक रहेगी। हालांकि इस यात्रा की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

बता दें कि मार्को रुबियो ने यह बयान मनीला में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात के बाद दिया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच विस्तृत बातचीत हुई है, जिससे आगामी उच्चस्तरीय यात्रा के लिए बेहतर माहौल तैयार हुआ है।

मौजूद जानकारी के अनुसार रुबियो ने स्वीकार किया कि अमेरिका और चीन के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद हैं। उन्होंने कहा कि ये मतभेद निकट भविष्य में पूरी तरह समाप्त होने की संभावना नहीं है, लेकिन दोनों देशों की जिम्मेदारी है कि इन विवादों को इस तरह संभाला जाए कि स्थिति कभी नियंत्रण से बाहर न जाए।

गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय हुई है जब हाल ही में अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियों की आलोचना की थी। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाल के दिनों में चीन पर अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप करने और वर्ष 2020 के चुनाव से जुड़े आंकड़ों में सेंध लगाने के आरोप लगाए थे। हालांकि चीन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। रुबियो ने स्पष्ट किया कि उनकी और वांग यी की मुलाकात के दौरान इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई।

मौजूद जानकारी के अनुसार यदि शी जिनपिंग की यह यात्रा तय होती है तो इससे पहले मई में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की यात्रा कर चुके होंगे। ट्रंप कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बावजूद उनके और शी जिनपिंग के बीच व्यक्तिगत संबंध अच्छे हैं।

दक्षिण चीन सागर का मुद्दा भी दोनों देशों के संबंधों में प्रमुख विवाद का विषय बना हुआ है। हाल ही में चीन और फिलीपींस के जहाजों के बीच टकराव के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने चीन के व्यवहार पर चिंता जताई थी। यह समुद्री क्षेत्र वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

बता दें कि मार्को रुबियो ने मनीला में भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों के साथ भी अलग बैठक की। इस दौरान उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया में समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं गुरुवार को उनकी रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात होने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका, चीन और अन्य प्रमुख देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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