Hezbollah की Terror Funding पर America का बड़ा एक्शन, ग्लोबल फाइनेंशियल नेटवर्क पर लगाए कड़े प्रतिबंध।

अमेरिका ने आतंकवादी संगठन हिजबुल्ला से जुड़े एक वैश्विक वित्तीय नेटवर्क पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिसमें 16 व्यक्ति और संस्थाएं शामिल हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य पश्चिम एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में फैले इस नेटवर्क द्वारा की जा रही फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग को रोककर हिजबुल्ला की आर्थिक कमर तोड़ना है।
अमेरिका ने हिजबुल्ला से जुड़े एक वैश्विक वित्तीय नेटवर्क पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका हिजबुल्ला को पहले ही आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रधान प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में कहा, “अमेरिका ने हिजबुल्ला को आर्थिक मदद पहुंचाने वाले एक वैश्विक वित्तीय नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए प्रतिबंध लगाए हैं। इस कार्रवाई के तहत उन लोगों और संस्थाओं को लक्षित किया गया है जो पश्चिम एशिया, यूरोप और उत्तर अमेरिका में संचालित विभिन्न कंपनियों और परियोजनाओं के जरिए हिजबुल्ला की वित्तीय टीम के लिए धन जुटाने और धन शोधन में शामिल हैं।”
उन्होंने कहा कि वित्तीय मदद के इन रास्तों को बंद करके अमेरिका ठोस कदम उठा रहा है, ताकि आतंकवाद के वित्तपोषण और प्रतिबंधों से बचने की हिजबुल्ला की क्षमता को कम किया जा सके। वित्त मंत्रालय के एक अलग बयान में कहा गया कि उसके विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने 16 लोगों और संस्थाओं के एक नेटवर्क को प्रतिबंध सूची में डाला है। उसने कहा कि इस नेटवर्क का नेतृत्व हिजबुल्ला से जुड़े वित्तपोषक और पूर्व सार्वजनिक निवेश अधिकारी अला हसन हमीह कर रहा था। बयान में कहा गया कि ये लोग और कंपनियां लेबनान, सीरिया, पोलैंड, स्लोवेनिया, कतर और कनाडा में स्थित हैं। बयान में कहा गया कि वह कई आर्थिक परियोजनाओं में शामिल रहा है और अनुमान है कि उसने 2020 से अब तक 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक राशि की हेरफेर में मदद की है।
बयान में कहा गया कि इस कार्रवाई के बाद जिन लोगों या संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनकी अमेरिका में मौजूद या अमेरिकी नागरिकों के नियंत्रण में रखी गई सभी संपत्तियों और परिसंपत्तियों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। इसमें कहा गया है कि जिस भी अमेरिकी नागरिक के नियंत्रण में ऐसी संपत्ति है तो उसे इसकी जानकारी ओएफएसी को देना जरूरी होगा। इसके अलावा, वे इकाइयां भी प्रतिबंध के दायरे में आएंगी जिनमें प्रतिबंधित व्यक्तियों की सीधे या परोक्ष रूप से अकेले या कुल मिलकर 50 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सेदारी है।
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