52 साल पुराने नस्लीय जिन्न को जगाना नहीं चाहते डिकॉक, घुटने के बल बैठने के लिए हुए तैयार, बोले- मेरी सौतेली मां अश्वेत है

विकेटकीपर बल्लेबाज डिकॉक ने कहा कि मैं जिस पीड़ा, भ्रम और गुस्से का कारण बना, उसके लिए मुझे गहरा खेद है। मैं अबतक इस महत्वपूर्ण मसले पर चुप था। लेकिन मुझे लगता है कि अब मुझे अपनी बात को थोड़ा स्पष्ट करना चाहिए। जब भी हम विश्व कप में खेलने के लिए जाते हैं तो ऐसा कुछ होता है।
साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक ने खुद को ब्लैक लाइव्स मैटर (BLM) से अलग करते हुए क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) का आदेश मानने से इनकार कर दिया था। लेकिन अब उन्होंने अपने फैसले में बदलाव किया है और वो ब्लैक लाइव्स मैटर अभियान के तहत मैदान पर घुटने के बल बैठने के लिए तैयार हो गए हैं।
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नस्लीय जिन्न को नहीं जगाना चाहते हैं डिकॉक
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उन्होंने कहा कि लोग शायद पहचान न पाएं, लेकिन वह एक शानदार कप्तान है। अगर वह और टीम और साउथ अफ्रीका के लोग मेरे साथ होंगे तो मैं अपने देश के लिए फिर से क्रिकेट खेलने के अलावा और कुछ नहीं चाहूंगा। क्रिकेट साउथ अफ्रीका के द्वारा जारी किए गए बयान में डिकॉक ने कहा कि जिस तरह से मैच से कुछ घंटे पहले खिलाड़ियों के लिए आदेश जारी किया गया उस रवैये के कारण उन्होंने मैच से पहले घुटने के बल बैठने से इनकार कर दिया था।
Quinton de Kock statement 📝 pic.twitter.com/Vtje9yUCO6
— Cricket South Africa (@OfficialCSA) October 28, 2021
उन्होंने कहा कि जो नहीं जानते हैं, उन्हें मैं यह बताना चाहता हूं कि मैं एक मिश्रित जाति परिवार से आता हूं। मेरी सौतेली बहनें अश्वेत हैं और मेरी सौतेली मां अश्वेत है। अश्वेत जीवन मेरे जन्म से ही मेरे लिए मायने रखता है। सिर्फ इसलिए नहीं कि एक अंतरराष्ट्रीय अभियान है।
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