GST Collection में Uttar Pradesh ने मारी बाजी, 19% की Growth के साथ बना देश का सिरमौर

जून 2026 में जीएसटी संग्रह में तेज वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश 19% की बढ़ोतरी के साथ राज्यों में सबसे आगे रहा, जबकि झारखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के राजस्व में गिरावट देखी गई।
देश की कर व्यवस्था से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है। जून 2026 में जीएसटी संग्रह में पिछले 13 महीनों की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, जून महीने में सकल जीएसटी संग्रह 13.9 प्रतिशत बढ़कर 1.95 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। एक वर्ष पहले जून 2025 में यह आंकड़ा 1.71 लाख करोड़ रुपये था। इससे पहले मई 2026 में जीएसटी संग्रह की वृद्धि दर केवल 3.2 प्रतिशत रही थी, जबकि जून में इसमें तेज सुधार देखने को मिला हैं।
बता दें कि जून 2026 की यह वृद्धि मई 2025 के बाद सबसे अधिक मानी जा रही है। मई 2025 में जीएसटी संग्रह में 16.4 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कर संग्रह सरकार के राजस्व के लिए सकारात्मक संकेत है और इससे आर्थिक गतिविधियों की स्थिति का भी अंदाजा लगाया जाता है।
इस बार जीएसटी संग्रह में सबसे बड़ा योगदान आयात से मिलने वाले टैक्स का रहा। आयात पर मिलने वाला जीएसटी 34.6 प्रतिशत बढ़कर 60,038 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 44,600 करोड़ रुपये था। इससे साफ है कि विदेशों से होने वाले आयात पर कर संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
दूसरी ओर, घरेलू कारोबार से मिलने वाले सकल जीएसटी संग्रह में अपेक्षाकृत धीमी बढ़ोतरी दर्ज की गई। घरेलू कर संग्रह 6.5 प्रतिशत बढ़कर 1.35 लाख करोड़ रुपये रहा। इससे संकेत मिलता है कि जून महीने में कुल कर संग्रह बढ़ाने में आयात का योगदान घरेलू व्यापार की तुलना में अधिक रहा है।
गौरतलब है कि कर वापसी की राशि भी इस दौरान काफी अधिक रही। जून में कुल 32,436 करोड़ रुपये की कर वापसी की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 29.1 प्रतिशत अधिक है। कर वापसी के बाद सरकार का शुद्ध जीएसटी संग्रह 11.2 प्रतिशत बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये रहा।
यदि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 की बात करें तो इस दौरान सकल जीएसटी संग्रह 8.4 प्रतिशत बढ़कर 6.32 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं शुद्ध संग्रह 7.1 प्रतिशत बढ़कर 5.40 लाख करोड़ रुपये रहा। इससे संकेत मिलता है कि वित्त वर्ष की शुरुआत सकारात्मक रही है, हालांकि सभी क्षेत्रों में समान गति से बढ़ोतरी नहीं हुई है।
राज्यों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा। राज्य में जून के दौरान जीएसटी संग्रह 19 प्रतिशत बढ़कर 9,165 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 7,675 करोड़ रुपये था। असम में 17 प्रतिशत, पंजाब में 14 प्रतिशत और गुजरात में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
देश में सबसे अधिक जीएसटी योगदान देने वाले महाराष्ट्र में भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। वहां संग्रह 9 प्रतिशत बढ़कर 30,714 करोड़ रुपये पहुंच गया। कर्नाटक में 10 प्रतिशत और दिल्ली में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई हैं।
हालांकि सभी राज्यों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। राजस्थान और मध्य प्रदेश में जीएसटी संग्रह 5-5 प्रतिशत घट गया। तमिलनाडु में 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि झारखंड में सबसे अधिक 16 प्रतिशत की कमी देखने को मिली हैं।
गौरतलब है कि जीएसटी संग्रह किसी भी देश की आर्थिक गतिविधियों और व्यापारिक स्थिति का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। मजबूत कर संग्रह से सरकार की आय बढ़ती है, जिससे बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विकास योजनाओं पर खर्च करने की क्षमता भी मजबूत होती है। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि जीएसटी संग्रह की यह रफ्तार लगातार बनी रहती है या नहीं।
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