GST State-wise Report: Assam में 162% की रिकॉर्ड ग्रोथ, UP और Gujarat में भी बढ़ा कलेक्शन, कुछ राज्यों में आई गिरावट

GST
प्रतिरूप फोटो
creative common
Ankit Jaiswal । Sep 1 2026 10:50PM

अगस्त में जीएसटी संग्रह 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.998 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है, जिसमें आयात कर में हुई 29 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी ने मुख्य भूमिका निभाई है। हालांकि रिफंड भुगतान में 67.9 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि के कारण शुद्ध जीएसटी संग्रह की रफ्तार तुलनात्मक रूप से धीमी रही है जो राजकोषीय प्रबंधन और आयात निर्भरता के बीच एक महत्वपूर्ण आर्थिक संतुलन को दर्शाती है। जीएसटी संग्रह, आयात कर, शुद्ध राजस्व, आर्थिक विकास, जीएसटी रिफंड

देश की कर आमदनी के मोर्चे पर अगस्त का महीना मजबूत रहा है। सरकार की ओर से 1 सितंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में सकल वस्तु एवं सेवा कर संग्रह सालाना आधार पर 15 फीसदी बढ़कर 1.998 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। पिछले साल अगस्त में यह आंकड़ा 1.74 लाख करोड़ रुपये था। इसके साथ ही लगातार तीसरे महीने जीएसटी संग्रह में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज हुई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार जुलाई में जीएसटी संग्रह 15.4 फीसदी और जून में 13.9 फीसदी बढ़ा था। अगस्त की वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान आयात से मिलने वाले कर का रहा है। आयात पर सकल जीएसटी संग्रह 29 फीसदी बढ़कर 62,604 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी महीने में 48,546 करोड़ रुपये था।

इसके मुकाबले घरेलू स्रोतों से मिलने वाला सकल जीएसटी 9.3 फीसदी बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले वर्ष अगस्त में घरेलू संग्रह 1.26 लाख करोड़ रुपये था। आंकड़ों से साफ है कि आयात से जुड़े कर में तेज बढ़ोतरी ने कुल जीएसटी संग्रह को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है।

हालांकि सकल संग्रह की तुलना में शुद्ध जीएसटी की वृद्धि कुछ धीमी रही है। इसकी मुख्य वजह रिफंड में हुई भारी बढ़ोतरी है। अगस्त में कुल रिफंड 67.9 फीसदी बढ़कर 31,795 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 18,935 करोड़ रुपये था। घरेलू रिफंड में 72.6 फीसदी और निर्यात से जुड़े रिफंड में 61.8 फीसदी की वृद्धि हुई है।

रिफंड के बाद अगस्त में शुद्ध जीएसटी संग्रह 8.3 फीसदी बढ़कर 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले साल अगस्त में यह 1.55 लाख करोड़ रुपये था। शुद्ध घरेलू राजस्व में केवल 3.4 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 1.19 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं सीमा शुल्क से जुड़े जीएसटी संग्रह में 22.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 49,299 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

बता दें कि वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों यानी अप्रैल से अगस्त के दौरान भी जीएसटी संग्रह में अच्छी वृद्धि रही है। इस अवधि में सकल संग्रह 11 फीसदी बढ़कर 10.43 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 9.40 लाख करोड़ रुपये था। इस दौरान घरेलू सकल राजस्व 5.3 फीसदी बढ़ा, जबकि आयात से होने वाला संग्रह 27.3 फीसदी बढ़ा है।

अप्रैल से अगस्त के बीच शुद्ध जीएसटी संग्रह 9 फीसदी बढ़कर 8.90 लाख करोड़ रुपये रहा। इस अवधि में कुल रिफंड भी 23.8 फीसदी बढ़कर 1.53 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यानी कर संग्रह बढ़ने के साथ रिफंड का दबाव भी बढ़ा है।

राज्यों के आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश ने अगस्त में घरेलू जीएसटी संग्रह में 19 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। तेलंगाना 16 फीसदी, गुजरात 15 फीसदी, कर्नाटक और केरल 13-13 फीसदी तथा हरियाणा और पंजाब 12-12 फीसदी की वृद्धि के साथ आगे रहे हैं।

देश में सबसे ज्यादा जीएसटी योगदान देने वाले महाराष्ट्र का संग्रह 8 फीसदी बढ़कर 28,779 करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर तमिलनाडु में संग्रह एक फीसदी घटा। ओडिशा और आंध्र प्रदेश में सात-सात फीसदी की गिरावट दर्ज हुई, जबकि राजस्थान और गोवा में दो-दो फीसदी की कमी रही है।

असम का आंकड़ा सबसे अलग रहा, जहां जीएसटी संग्रह में 162 फीसदी की असाधारण वृद्धि दर्ज की गई है। गौरतलब है कि जीएसटी संग्रह में लगातार हो रही वृद्धि को आर्थिक गतिविधियों, खपत और आयात से जुड़े कारोबार की स्थिति समझने के प्रमुख संकेतकों में गिना जाता है। हालांकि आने वाले महीनों में रिफंड की रफ्तार और आयात से जुड़े कर संग्रह पर नजर रहेगी, क्योंकि यही कारक शुद्ध राजस्व की वास्तविक गति को प्रभावित कर सकते हैं।

All the updates here:

अन्य न्यूज़