Sensex 1225 अंक उछलकर 76917 पर बंद, Nifty 23800 के पार

घरेलू शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी दिन जोरदार तेजी जारी रही, जिससे बीएसई सेंसेक्स 1,225.07 अंक बढ़कर 76,917.85 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 370.05 अंक उछलकर 23,810.85 अंक पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की नई लिवाली से बाजार को बड़ा समर्थन मिला।
मुंबई, तीन नवंबर कच्चे तेल के दाम में नरमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों के पूंजी प्रवाह से घरेलू शेयर बाजार में तेजी का सिलिसिला मंगलवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भी जारी रहा। मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 1,225 अंक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 23,800 अंक के पार पहुंच गया। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 1,225.07 अंक यानी 1.62 प्रतिशत चढ़कर 76,917.85 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 370.05 अंक यानी 1.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,810.85 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में पावर ग्रिड, भारतीय स्टेट बैंक, एनटीपीसी, टाटा स्टील और ट्रेंट शामिल हैं।
मझोली कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.87 प्रतिशत और छोटी कंपनियों से संबंधित स्मॉलकैप में 0.60 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों में से 2,510 शेयर लाभ में रहे, जबकि 1,895 शेयरों में गिरावट आई। वहीं 201 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.72 प्रतिशत बढ़कर 105.6 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शोध विश्लेषक कंपनी एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘ब्रेंट कच्चा तेल 105.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है, जो पिछले सप्ताह के उच्च स्तर से काफी नीचे आ चुका है। इसकी वजह कतर की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत है।
इससे संघर्ष समाप्त होने और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति बहाल होने की दिशा में प्रगति की उम्मीद बढ़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत की निकट अवधि की आर्थिक स्थिति के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार है, लेकिन कंपनियों की आय पर इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कच्चे तेल की कीमतें निचले स्तर पर बनी रहती हैं या कूटनीतिक घटनाक्रम की खबरों के बाद यह गिरावट अस्थायी साबित होती है।’’ शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,114.68 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 3,671.82 अंक यानी पांच प्रतिशत चढ़ा है, जबकि निफ्टी में 1,112 अंक यानी 4.89 प्रतिशत की तेजी आई है।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट, अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल में कमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की नए सिरे से लिवाली से भारतीय शेयर बाजार में तेजी बनी रही।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दूसरी तिमाही के मजबूत वित्तीय नतीजों से घरेलू आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं को लेकर भरोसा बढ़ा है। वहीं, लंबे समय तक बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ा है। इससे वित्तीय और उपभोग क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों की अगुवाई में मजबूत तेजी आई।’’ एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन में शंघाई का एसएसई कम्पोजिट गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में रहा।
यूरोप के बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार सोमवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी के साथ 1,233.25 अंक चढ़कर 75,692.78 अंक पर बंद हुआ था।
निफ्टी भी 387.70 अंक की बढ़त के साथ 23,440.80 अंक पर रहा था।
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