वाणिज्य मंत्रालय का Scotch Whisky आयात पर शुल्क रियायतें बनाए रखने का भरोसा

वाणिज्य मंत्रालय का Scotch Whisky आयात पर शुल्क रियायतें बनाए रखने का भरोसा
प्रतिरूप फोटो
AI-Generated

वाणिज्य मंत्रालय ने उद्योग जगत को आश्वस्त किया है कि प्रस्तावित भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के तहत बड़ी मात्रा में आयात की जाने वाली स्कॉच व्हिस्की पर शुल्क रियायतें जारी रहेंगी। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने शराब विनिर्माताओं के साथ बैठक कर एचएसएन कोड वर्गीकरण की अस्पष्टता को सुलझाने के कदम उठाने की बात कही। भारतीय शराब विनिर्माता संगठन सीआईएबीसी के अनुसार इस कदम से कंपनियों का कारोबार सुगम बना रहेगा।

नयी दिल्ली, दो नवंबर वाणिज्य मंत्रालय ने शराब उद्योग को आश्वस्त किया है कि भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के तहत बड़ी मात्रा में आयात की जाने वाली स्कॉच व्हिस्की पर शुल्क रियायतें बरकरार रहेंगी। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि इन रियायतों के लाभ को प्रभावित करने वाले मुद्दों को दूर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

यह मामला बड़ी मात्रा में आयात की जाने वाली स्कॉच व्हिस्की के एचएसएन कोड वर्गीकरण को लेकर बनी अस्पष्टता के बीच सामने आया है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए व्हिस्की क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों, घरेलू शराब विनिर्माताओं और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस बैठक में बड़ी मात्रा में स्कॉच व्हिस्की के आयात के वर्गीकरण से जुड़े मुद्दों और देश में मूल्यवर्धित विनिर्माण को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा हुई।

अधिकारी ने कहा, ‘‘वाणिज्य सचिव ने संबंधित पक्षों को आश्वस्त किया कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के तहत शुल्क रियायत देने की प्रतिबद्धता प्रभावित नहीं होगी। इन रियायतों पर असर डालने वाले मूल मुद्दों को दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।’’ भारतीय शराब विनिर्माताओं के संगठन सीआईएबीसी ने एक बयान में कहा कि मंत्रालय ने उद्योग को आश्वासन दिया है कि बड़ी मात्रा में आयात की जाने वाली स्कॉच व्हिस्की के मौजूदा एचएसएन कोड वर्गीकरण को लेकर बनी अस्पष्टता का जल्द ही समाधान कर लिया जाएगा। कनफेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (सीआईएबीसी) ने कहा, ‘‘वाणिज्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत बड़ी मात्रा में स्कॉच के आयात को लेकर की गई प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा।

वह यह भी सुनिश्चित करेगा कि इस व्यवस्था का लाभ भारतीय उद्योग को मिले।’’ सीआईएबीसी ने कहा कि इसका उद्देश्य समय रहते इस स्थिति का पूरी तरह समाधान करना और इस क्षेत्र की कंपनियों के कारोबार को निर्बाध बनाए रखना है। बैठक में भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, सीआईएबीसी और इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएसडब्ल्यूएआई) सहित प्रमुख उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों तथा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय शराब कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़