सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 13 प्रतिशत बढ़कर 1324 करोड़ रुपये हुआ

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सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 1,324 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। बैंक की आय में वृद्धि के साथ-साथ उसकी परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। बैंक द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून की अवधि में उसका शुद्ध लाभ 13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,324 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की इसी पहली तिमाही में बैंक ने 1,169 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था।

बैंक ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि जून 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 10,678 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि एक वर्ष पहले इसी समान अवधि में यह 10,360 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक की ब्याज से होने वाली आय में भी बढ़ोतरी देखी गई और यह पिछले वित्त वर्ष की जून तिमाही के 8,589 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 9,691 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि, बैंक का परिचालन लाभ पिछले साल के 2,304 करोड़ रुपये की तुलना में घटकर 2,186 करोड़ रुपये रह गया है।

वित्तीय स्थिति में मजबूती के संकेत देते हुए बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार हुआ है। पहली तिमाही के अंत में सकल अग्रिमों के मुकाबले सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) घटकर 2.60 प्रतिशत रह गईं, जो एक वर्ष पहले 3.13 प्रतिशत के स्तर पर थीं। वहीं, 30 जून 2026 तक बैंक का शुद्ध एनपीए 0.49 प्रतिशत पर स्थिर बना हुआ है।

खराब ऋणों की स्थिति में सुधार होने के कारण बैंक को इनके लिए किए जाने वाले प्रावधानों में भी राहत मिली है। इसके लिए रखा जाने वाला प्रावधान जून 2025 के अंत में 468 करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 346 करोड़ रुपये रह गया है। इसके अतिरिक्त, समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात भी 17.66 प्रतिशत से बढ़कर 18.28 प्रतिशत हो गया है, जो बैंक की सुदृढ़ वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।

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