Nvidia को पछाड़ फिर No. 1 बनी Apple, $4.9 Trillion Market Value के साथ दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी

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Ankit Jaiswal । Jul 17 2026 8:19PM

चीन में एप्पल इंटेलिजेंस को मिली मंजूरी और एचएसबीसी द्वारा रेटिंग अपग्रेड के सकारात्मक प्रभाव से एप्पल के शेयरों में निरंतर मजबूती देखी जा रही है। एनवीडिया के मूल्यांकन में गिरावट और चीनी एआई प्रतिस्पर्धियों के उदय ने बाजार की गतिशीलता को बदल दिया है, जिससे एप्पल का प्रदर्शन नैस्डैक 100 जैसे प्रमुख सूचकांकों से भी बेहतर रहा है। तकनीकी बाजार विश्लेषण और एप्पल स्टॉक ग्रोथ ट्रेंड्स इस विकास के केंद्र में हैं।

तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एप्पल ने एक बार फिर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है। पिछले कुछ समय से यह स्थान एनवीडिया के पास था, लेकिन अब बाजार में बदलते रुझान और निवेशकों की नई रणनीति के चलते एप्पल ने उसे पीछे छोड़ दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार मई 2025 से एनवीडिया इस सूची में पहले स्थान पर बनी हुई थी, लेकिन अब बाजार मूल्य के आधार पर एप्पल फिर सबसे ऊपर पहुंच गई है।

शुक्रवार के कारोबार में एनवीडिया के शेयरों में करीब 3.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद कंपनी का कुल बाजार मूल्य घटकर लगभग 4.8 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर रह गया। दूसरी ओर एप्पल के शेयर में करीब 0.4 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली, जिससे कंपनी का बाजार मूल्य बढ़कर लगभग 4.9 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर पहुंच गया। इसी के साथ एप्पल ने दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान अपने नाम कर लिया।

बता दें कि पिछले कुछ महीनों में एप्पल के शेयरों ने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है। जून के निचले स्तर से अब तक कंपनी के शेयर में लगभग 21 प्रतिशत की तेजी दर्ज की जा चुकी है। वहीं वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक एप्पल का शेयर करीब 23 प्रतिशत चढ़ चुका है। इस प्रदर्शन के साथ एप्पल तथाकथित सात प्रमुख अमेरिकी तकनीकी कंपनियों के समूह में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनी बनकर उभरी है।

गौरतलब है कि इसी अवधि में प्रौद्योगिकी कंपनियों पर आधारित प्रमुख सूचकांक नैस्डैक 100 में करीब 12 प्रतिशत और एसएंडपी 500 सूचकांक में लगभग 8.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि एप्पल का प्रदर्शन इन दोनों सूचकांकों से भी बेहतर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का रुझान अब उन कंपनियों से कुछ हद तक हट रहा है जो एआई के बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश कर रही हैं। पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला था, लेकिन अब निवेशकों को लगने लगा है कि इन कंपनियों का मूल्यांकन काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है। ऐसे में कई निवेशक अब अपेक्षाकृत संतुलित और स्थिर कारोबार वाली तकनीकी कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका लाभ एप्पल को मिला है।

एप्पल को हाल ही में चीन में अपनी एआई आधारित सेवा 'एप्पल इंटेलिजेंस' शुरू करने के लिए सरकारी मंजूरी भी मिल गई है। बाजार जानकारों का मानना है कि इससे कंपनी की बिक्री और सेवाओं के कारोबार को आने वाले समय में नई गति मिल सकती है।

वहीं एनवीडिया के शेयरों में शुक्रवार को आई गिरावट के पीछे भी एक बड़ा कारण सामने आया। मौजूद जानकारी के अनुसार चीन की नई तकनीकी कंपनी मूनशॉट ने ऐसा एआई मॉडल पेश किया है, जिसे ओपनएआई और एंथ्रोपिक के प्रमुख मॉडलों के बराबर माना जा रहा है। इन दोनों कंपनियों के मॉडल बड़े पैमाने पर एनवीडिया के चिप का उपयोग करते हैं। ऐसे में निवेशकों को आशंका है कि यदि चीन की कंपनियां तेजी से आगे बढ़ती हैं तो एआई के लिए चिप की मांग और इस क्षेत्र में भारी निवेश की रफ्तार भविष्य में धीमी पड़ सकती है।

इस बीच वैश्विक वित्तीय संस्था एचएसबीसी ने भी एप्पल को लेकर अपना रुख सकारात्मक किया है। संस्था ने कंपनी के शेयर पर अपनी राय को 'रोककर रखें' से बढ़ाकर 'खरीदें' कर दिया है। विश्लेषक निकोलस कोटे-कोलिसन का कहना है कि एप्पल इस समय कारोबारी बदलाव के महत्वपूर्ण दौर में है। कंपनी अपने विशाल उपकरण उपयोगकर्ता आधार और नए एप्पल इंटेलिजेंस मंच की मदद से आने वाले वर्षों में मजबूत बढ़त हासिल करने की स्थिति में है।

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