Kaabil डायरेक्टर Sanjay Gupta के निधन पर Hrithik Roshan ने Instagram पर लिखा भावुक पोस्ट

नयी दिल्ली, एक नवंबर अभिनेता ऋतिक रोशन ने एक भावुक पोस्ट कर ‘काबिल’ के फिल्मकार संजय गुप्ता को याद किया और कहा कि उनके अचानक निधन की खबर सुनकर वह ‘‘बेहद दुखी’’ हैं। संजय गुप्ता की वर्सोवा स्थित अपने घर पर गिरने के कारण सिर में चोट लगने की वजह से मृत्यु हो गई।
अभिनेता ऋतिक रोशन ने एक भावुक पोस्ट कर ‘काबिल’ के फिल्मकार संजय गुप्ता को याद किया और कहा कि उनके अचानक निधन की खबर सुनकर वह ‘‘बेहद दुखी’’ हैं। संजय गुप्ता की वर्सोवा स्थित अपने घर पर गिरने के कारण सिर में चोट लगने की वजह से मृत्यु हो गई। वह 59 वर्ष के थे। उन्हें ‘कांटे’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। इसके अलावा उन्होंने कई फिल्मों में बतोर निर्माता भी काम किया। मुंबई पुलिस ने शनिवार को एक बयान में कहा कि संतुलन बिगड़ने के कारण संजय गुप्ता (59) आधी रात को अपने घर के अंदर गिर गए थे।
इस दौरान उनके सिर में चोट लगी, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उनकी मौत हो गई। ऋतिक ने शनिवार को अपने ‘इंस्टाग्राम’ हैंडल पर एक पोस्ट साझा की जिसमें दिवंगत निर्देशक की एक तस्वीर थी और उसके बाद अभिनेता की संजय गुप्ता के साथ एक तस्वीर भी थी। उन्होंने लिखा, ‘‘संजय, मुझे आपकी बहुत याद आएगी। आपके साथ एक फिल्म करना काफी नहीं था... मैं आपके साथ बिताए समय को हमेशा आपके लिए ढेर सारे प्यार के साथ याद रखूंगा... आपकी हंसी, आपका जुनून और आपके भीतर का वह बच्चा, जो हर अच्छे विचार पर खिल उठता था। हमें साथ में अभी बहुत कुछ करना था। यह सब बहुत जल्दी हो गया।’’
रोशन ने ‘काबिल’ फिल्म के लिए भी उनका शुक्रिया अदा किया और इसे अपना ‘‘सबसे बेहतरीन अनुभव’’ बताया। इस फिल्म में यामी गौतम ने सुप्रिया का किरदार निभाया था जो देख नहीं सकती थीं। वहीं, अभिनेता ने रोहन भटनागर का रोल किया था जो एक नेक दिल और प्रतिभाशाली दृष्टिहीन डबिंग कलाकार थे। उन्होंने लिखा, ‘‘मेरे दोस्त, मैं आपको हमेशा बहुत आभार के साथ याद रखूंगा। काश मैंने आपको और कसकर गले लगाया होता... किसी को यह कभी नहीं पता होगा कि आपने उस फिल्म के लिए कितना कुछ दिया।
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मेरा दिल टूट गया है, यह बहुत जल्दी हो गया। ईश्वर परिवार को हिम्मत दे... मेरे दोस्त, आपकी आत्मा को शांति मिले।’’ गुप्ता को कॉलेज के दिनों में कहानी कहने में रुचि पैदा हुई थी। उन्होंने फिल्मकार पंकज पराशर के साथ टेलीविजन धारावाहिक ‘करमचंद’ (1985) और फिल्म ‘जलवा’ (1987) में काम शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने राज सिप्पी के साथ ‘शहजादे’ (1989), ‘महादेव’ (1989) और संजय दत्त अभिनीत ‘थानेदार’ जैसी फिल्मों के लिए काम किया।
वर्ष 1994 में उन्होंने संजय दत्त, अतुल अग्निहोत्री और आदित्य पंचोली अभिनीत फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से निर्देशन की शुरुआत की। इस फिल्म से संजय दत्त के साथ उनका लंबे समय तक पेशेवर जुड़ाव और मित्रता की शुरुआत हुई। उनके परिवार में पत्नी अनुराधा लेखी गुप्ता और बच्चे शिवांश गुप्ता एवं दलई गुप्ता हैं। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को मुंबई में किया गया।
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