एक Penalty Miss और Brazil World Cup से बाहर, Ancelotti ने बताई चूक के पीछे की पूरी कहानी

कोच कार्लो एंसेलोटी ने खुलासा किया कि ब्राजील की पेनाल्टी रणनीति पहले से तय थी, जिसके चलते ब्रूनो गिमारेस ने विनीसियस जूनियर की जगह पेनाल्टी ली। हालांकि, उनका यह प्रयास विफल रहा और नॉर्वे ने एरलिंग हालांड के दो गोलों की बदौलत विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए ब्राजील को बाहर कर दिया।
फुटबॉल विश्व कप में ब्राजील की अप्रत्याशित हार के बाद पेनाल्टी को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। नॉर्वे के खिलाफ अंतिम-16 के मुकाबले में मिली 2-1 की हार के बाद ब्राजील के मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी ने बताया कि ब्रूनो गिमारेस टीम के तीसरे पेनाल्टी लेने वाले खिलाड़ी थे। यही वजह रही कि शुरुआती पेनाल्टी का मौका मिलने पर उन्होंने ही जिम्मेदारी संभाली, जबकि विनीसियस जूनियर मैदान पर मौजूद थे।
मौजूद जानकारी के अनुसार, मुकाबले के पहले हाफ में ब्राजील को पेनाल्टी मिली थी। उस समय कई प्रशंसकों को उम्मीद थी कि स्पेनिश क्लब के लिए कई बार पेनाल्टी लेने वाले विनीसियस जूनियर गेंद को गोल में बदलने की कोशिश करेंगे। हालांकि टीम की तय रणनीति के अनुसार ब्रूनो गिमारेस आगे आए, लेकिन उनका प्रयास नॉर्वे के गोलकीपर ऑरयान नाइलैंड ने शानदार अंदाज में रोक दिया।
गौरतलब है कि यही पल पूरे मुकाबले का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। पहले हाफ में बढ़त बनाने का मौका गंवाने के बाद ब्राजील दबाव में आ गया। दूसरे हाफ में नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालांड ने दो शानदार गोल करके अपनी टीम को मजबूत बढ़त दिला दी। मैच के अंतिम क्षणों में ब्राजील को एक और पेनाल्टी मिली, जिसे नेमार ने गोल में बदल दिया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और टीम वापसी नहीं कर सकी।
मैच के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कार्लो एंसेलोटी ने बताया कि ब्राजील की पेनाल्टी लेने की सूची पहले से तय रहती है। उन्होंने कहा कि टीम में सबसे पहले नेमार पेनाल्टी लेते हैं और उनके बाद राफिन्हा की बारी आती है। उस समय दोनों खिलाड़ी मैदान पर मौजूद नहीं थे, इसलिए तय क्रम के अनुसार ब्रूनो गिमारेस को पेनाल्टी लेने भेजा गया था।
एंसेलोटी ने कहा कि ब्रूनो गिमारेस ने अभ्यास सत्रों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया था और टीम को उन पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा कि फुटबॉल में ऐसी परिस्थितियां आती रहती हैं। कभी खिलाड़ी गोल कर देता है तो कभी गोलकीपर शानदार बचाव कर लेता है। उनके अनुसार, इस एक घटना के आधार पर खिलाड़ी की क्षमता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, ब्रूनो गिमारेस ने पेनाल्टी लेते समय धीमी रफ्तार से दौड़ लगाई और गेंद को गोलकीपर के दाईं ओर नीचे की तरफ मारने की कोशिश की। हालांकि ऑरयान नाइलैंड ने दिशा का सही अनुमान लगाते हुए बेहतरीन बचाव किया। इस शानदार बचाव के बाद नॉर्वे के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया और टीम ने पूरे मैच में बेहतर प्रदर्शन किया।
नॉर्वे के गोलकीपर ने इसके बाद भी कई महत्वपूर्ण बचाव किए और ब्राजील के आक्रमण को लगातार विफल किया। दूसरी ओर एरलिंग हालांड ने मिले मौकों का पूरा फायदा उठाया और दो गोल करके अपनी टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया। हालांड का प्रदर्शन इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियतों में शामिल रहा।
बता दें कि पांच बार की विश्व विजेता ब्राजील को इस टूर्नामेंट का मजबूत दावेदार माना जा रहा था। लेकिन शुरुआती पेनाल्टी चूकने के बाद मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ब्रूनो गिमारेस उस मौके को गोल में बदल देते तो मुकाबले का परिणाम अलग हो सकता था। वहीं नॉर्वे ने अनुशासित खेल, मजबूत रक्षा पंक्ति और एरलिंग हालांड की शानदार फिनिशिंग के दम पर विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।
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