Germany के Goal पर मचे बवाल के बीच FIFA का बड़ा बयान, बताया VAR का फैसला क्यों सही था

फीफा ने जर्मनी के विवादास्पद रूप से अमान्य किए गए गोल पर सफाई देते हुए कहा कि यह नियमों के तहत था, क्योंकि वीएआर समीक्षा में पैराग्वे के गोलकीपर को जानबूझकर रोका गया था। रेफरी प्रमुख पियरलुइगी कोलिना ने स्पष्ट किया कि गोलकीपर को रोकने के इरादे से किया गया मामूली संपर्क भी फाउल है, जिस फैसले के कारण जर्मनी पेनल्टी शूटआउट में हारकर बाहर हो गया।
विश्व फुटबॉल की एक सर्वोच्च संस्था फीफा ने जर्मनी के संभावित निर्णायक गोल को अमान्य ठहराए जाने पर सफाई देते हुए कहा कि ऐसा नियमों के तहत किया गया। पराग्वे के खिलाफ सोमवार को खेले गए मैच में अतिरिक्त समय में जर्मनी के डिफेंडर जोनाथन ताह ने हेडर से गोल कर दिया था लेकिन वीडियो समीक्षा (वीएआर) के बाद इसे रद्द कर दिया गया क्योंकि पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल पर फाउल किया गया था। रीप्ले में जर्मनी के वाल्डेमार एंटोन को गिल को हल्का धक्का देकर जमीन पर गिराते हुए दिखाया गया।
यह मामूली संपर्क था जिसके कारण इस फैसले की आलोचना हो रही है। जर्मनी पेनल्टी शूटआउट में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया। फीफा के रेफरी विभाग के प्रमुख पियरलुइगी कोलिना ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी खिलाड़ी जब गेंद लेने के बजाय विरोधी टीम के खिलाड़ी को रोकने की कोशिश करता है तो ऐसी घटनाओं पर दंडित किया जाए, खासकर तब जबकि इसमें गोलकीपर शामिल हों।
उन्होंने कहा, ‘‘अपनी जगह पर खड़े रहना अपने आप में कोई फाउल नहीं है, लेकिन जब आक्रमण करने वाली टीम का कोई खिलाड़ी गेंद लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाता और जानबूझकर थोड़ा सा ही सही, विपक्षी खिलाड़ी की गतिविधि में बाधा डालने और उसेबचाव करने से रोकने के स्पष्ट इरादे से हिलता है, तो रेफरी को वीएआर के जरिये विश्लेषण करना चाहिए और उचित हस्तक्षेप करना चाहिए।’’
कोलिना ने कहा, ‘‘यह विशेष रूप से तब लागू होता है जब इस रणनीति का उद्देश्य विपक्षी गोलकीपर को गोल का बचाव करने से रोकना हो। कोच और खिलाड़ियों को पहले ही इसके बारे में बता दिया गया था।
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