Virar-Alibaug Corridor में मुआवजे के लिए फर्जीवाड़ा, 2000 अवैध कमरे बनाने वाले 4 गिरफ्तार

Virar-Alibaug Corridor में मुआवजे के लिए फर्जीवाड़ा, 2000 अवैध कमरे बनाने वाले 4 गिरफ्तार
प्रतिरूप फोटो
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महाराष्ट्र के पालघर जिले में मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस ने विरार-अलीबाग कॉरिडोर परियोजना की जमीन पर फर्जीवाड़ा करने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने अधिग्रहण के तहत ज्यादा मुआवजा पाने के लिए मोरी गांव में बिना अनुमति करीब 2,000 अवैध कमरे बना दिए थे। फर्जी दस्तावेजों के जरिए ग्राम पंचायत के टैक्स रिकॉर्ड में हेरफेर करने पर यह कार्रवाई हुई है।

महाराष्ट्र में मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस ने विरार-अलीबाग मल्टी-मॉडल कॉरिडोर परियोजना के लिए निर्धारित जमीन पर अवैध निर्माण करने और मुआवजे का गलत तरीके से दावा करने की नीयत से फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक बयान के अनुसार, आरोपियों ने मोरी गांव में राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली जमीन पर करीब 2,000 अवैध निर्माण किए थे।

आरोपियों ने 2022 से 2023 के बीच मोरी गांव के उन खास सर्वे नंबरों के बारे में पहले से जानकारी जुटाई थी, जिन्हें सरकार द्वारा अधिग्रहण के लिए चिह्नित किया गया था। यह गांव नायगांव थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है। मुआवजे के रूप में बड़ी रकम हासिल करने के लिए समूह ने बिना किसी योजना प्राधिकरण से जरूरी अनुमति लिए करीब 2,000 छोटे कमरे बनाए, जिनमें से हर कमरे का आकार लगभग 10 बाय 10 फुट था।

मुआवजा पाने के लिए सरकार की पात्रता संबंधी शर्तों को पूरा करने के उद्देश्य से आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद इन दस्तावेजों को ग्राम पंचायत समूह के पास जमा कराया, ताकि इन अवैध निर्माणों को झूठे तरीके से आवास कर के आकलन रिकॉर्ड में दर्ज कराया जा सके। पुलिस के अनुसार, इस अवैध गतिविधि की जानकारी सबसे पहले एक तलाठी (राजस्व अधिकारी) ने दी थी।

इसके बाद 29 सितंबर, 2026 को नायगांव थाने में महाराष्ट्र क्षेत्रीय और नगर नियोजन अधिनियम, 1966 के तहत मामला दर्ज किया गया। विस्तृत जांच के दौरान जमीन मालिकों और उनके सहयोगियों से जुड़े एक बड़े आपराधिक षड्यंत्र का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465, 467, 468, 471 और 474 (दस्तावेजों में जालसाजी और फर्जी दस्तावेज रखने से संबंधित अपराध) तथा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत गंभीर आरोप भी जोड़े।

पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अन्य साजिशकर्ताओं की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जमीन के लेन-देन, निर्माण से जुड़े दस्तावेजों और पैसों के लेन-देन की जांच की जा रही है। विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर (वीएएमसी) मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) द्वारा बनाया जा रहा 126 किलोमीटर लंबा, 8 से 14 लेन वाला ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है।

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